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पीड़ित लड़की की कहानी पर पुलिस को यकीन नहीं

5 वर्ष पहले
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भास्कर न्यूज नेटवर्क|गाजियाबाद/मेरठ

ऑनलाइनई-शॉपिंग वेबसाइट स्नैपडील में काम करने वाली आईटी इंजीनियर दीप्ति सुरक्षित घर पहुंच गई है। उसने बताया कि बदमाशों ने उसे किडनैप किया था। हालांकि पुलिस को दीप्ति की किडनैपिंग की कहानी पर यकीन नहीं है।

गायब होने के करीब 36 घंटे बाद शुक्रवार सुबह आठ बजे दीप्ति ने अपने भाई को फोन कर कहा कि वह पानीपत में है और बिल्कुल ठीक है। वह दिल्ली पहुंच रही है। सभी उसे रिसीव करने दिल्ली जाएं। दीप्ति के पिता ने मीडिया को बताया कि बदमाश उनकी बेटी को चाकू दिखाकर और आंखों पर पट्टी बांधकर ले गए थे। इसके बाद दिल्ली के नरेला स्टेशन पर छोड़ दिया था। घटना के बाद पुलिस ने अपहरण की रिपोर्ट दर्ज की थी। दीप्ति की वापसी के बाद गाजियाबाद के एसएसपी धर्मेंद्र सिंह करीब 12 बजे उसके घर उससे मिलने पहुंचे। उन्होंने मीडिया को बताया कि दीप्ति का सकुशल लौटना बड़ी बात है। उसे किसी भी तरह का नशीला पदार्थ नहीं खिलाया गया। ही उसके शरीर पर किसी चोट के निशान हैं। घटना का सच जानने के लिए जरूरत पड़ने पर दीप्ति से पूछताछ भी की जा सकती है।

फोन पर कहा था-ऑटो ड्राइवर गलत ले जा रहा है, पापा बचा लो

दीप्ति(24) गाजियाबाद के कविनगर सी. ब्लॉक में रहने वाले कारोबारी नरेंद्र सरना की बेटी है। उसका ऑफिस गुड़गांव में है। नरेंद्र ने बताया, ‘ऑफिस से लौटते वक्त बुधवार रात करीब सवा आठ बजे दीप्ति वैशाली मेट्रो स्टेशन पर उतरी। वहां से घर आने के लिए ऑटो किया। साथ में एक सहेली भी थी। उसने फोन पर बताया कि ड्राइवर के दो दोस्त भी ऑटो में हैं। इसके कुछ देर बाद फिर फोन आया कि वह हिंडन पुल तक पहुंच गई है। लेने जाओ। उसी बीच, ऑटो ड्राइवर पर चिल्लाई-रॉन्ग साइड क्यों ले जा रहे हो? फिर कहा-ऑटो ड्राइवर गलत ले जा रहा है, पापा बचा लो। इसके बाद उसका मोबाइल स्विच ऑफ हो गया। उसकी सहेली को हिंडन से पहले ही ऑटो ड्राइवर ने जबरन उतार दिया था।’

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