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शिक्षकों की कमी से परेशान बच्चों ने कमरे के ताला लगा कर जताया विरोध

7 वर्ष पहले
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भास्कर न्यूज | मूंडवा/नागौर

राजकीयउच्च माध्यमिक विद्यालय मारवाड़ मूंडवा में बुधवार को स्कूल में शिक्षकों के रिक्त पदों अन्य अव्यवस्थाओं से परेशान बच्चों उनके अभिभावकों ने एक क्लास पर ताला लगा कर विरोध जताया। सुबह प्रार्थना के वक्त कई अभिभावक स्कूल पहुंचे और प्रधानाचार्य से स्कूल में बच्चों की पढ़ाई में सामने रही अड़चनों को लेकर समाधान की मांग की। प्रधानाचार्य से उचित जवाब नहीं मिलने पर अभिभावकों के साथ स्कूल के बच्चों का गुस्सा भड़क गया। उन्होंने स्कूल के क्लास रूम के ताले लगाकर विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। विरोध के चलते मौके पुलिस बुलाई गई। नागौर से अतिरिक्त जिला शिक्षा अधिकारी भी मौके पर पहुंचे। स्कूल में शिक्षकों के पद रिक्त होने, पीने के लिए पानी की पर्याप्त सुविधा नहीं होने नियमित साफ-सफाई सहित कई मुद्दों को लेकर बच्चों की ओर से जिला शिक्षा अधिकारी के नाम ज्ञापन सौंपा गया। करीब दो घंटे तक चले घटनाक्रम के बाद एडीईओ ने मौके पर पहुंचकर स्कूल की समस्याओं को गंभीरता से लेने उच्च स्तर पर अवगत करवाकर समाधान करवाने तथा चार शिक्षकों को व्यवस्थार्थ लगाने का आश्वासन दिया। इस पर मामला शांत हुआ। गौरतलब है दैनिक भास्कर ने स्कूल की समस्याओं शिक्षकों की कमी को लेकर हाल ही समाचार प्रकाशित कर प्रशासन को अवगत करवाया था। इस मौके पर रमाकांत शर्मा, जय प्रकाश भट्टड़, ओम अरोड़ा, रजनी कांत ओझा, ओमप्रकाश, हरि गोपाल, जगदीश प्रसाद बंग, रामा किशन शर्मा, नवरतन बंग, दामोदर मुंडेल सहित कस्बेवासी मौजूद थे।

एडीईओ को सौंपे ज्ञापन में स्कूली बच्चों ने प्रधानाचार्य को बच्चों के साथ गलत भाषा का प्रयोग करने से रोकने, स्कूल में पीने का पानी उपलब्ध करवाने, नियमित साफ-सफाई, खेलकूद की व्यवस्था सुचारु करवाने, खेल सामग्री का दुरुपयोग, स्कूल के कक्षा-कक्षों की मरम्मत करवाने सहित शिक्षकों के रिक्त पदों के चलते पढ़ाई प्रभावित होने की मांग रखी गई। इसी तरह छात्र मुकेश, हितेश पारासर, महेंद्र, सरस्वती, गरिमा, सुरेश आदि ने एडीईओ को स्कूल की समस्याओं से अवगत करवाया। इस राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय में व्याख्याताओं एवं अध्यापकों के करीब सात पद रिक्त हैं। इनमें से वाणिज्य संकाय के तीनों विषय पढ़ाने के लिए एक भी व्याख्याता जुलाई से ही नहीं है। पूर्व में विद्यार्थी मित्र होने से अध्यापन व्यवस्था सुचारू चल रही थी