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सऊदी अरब में नागौर का सगीर 3 साल से लापता

7 वर्ष पहले
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रोजगारकी तलाश में सऊदी अरब गया नागौर शहर के लौहारपुरा का सगीर अहमद तीन साल से लापता है। भारतीय दूतावास को भी खूब पत्र लिखे जा चुके हैं। अपने बेटे को देखने और उसकी आवाज सुनने के लिए बूढ़े मां बाप की आंखें पथरा गई हैं, भाइयों का भी हाल बुरा है। यह परिवार तीन साल से रियाद में भारतीयों की मदद के लिए चलने वाले दूतावास से भी मदद मांग रहा है। मगर उसकी कोई सुनवाई नहीं हो रही।लौहारपुरा के दरखानों के मोहल्ले में रहने वाले अनीस अहमद ने दैनिक भास्कर को बताया कि उसका बड़ा भाई सगीर पुत्र बशीर अहमद 12 सितंबर 2010 को सऊदी अरब की अल कंतरी कंपनी में काम के लिए गया था। सितंबर 2011 तक सगीर अपने परिवार से बात करता रहा। उसके बाद परिजनों से सगीर का संपर्क कट गया। एक दो माह तक बात नहीं होने पर परिजनों ने उसकी कंपनी के नंबर पर फोन किए। कंपनी के सुपरवाइजर मिस्र निवासी शरीफ से मोबाइल नंबर 0546789653 पर बात की गई तो उसने भी संतोषजनक जवाब नहीं दिया। पहले यह बताया कि सगीर कंपनी छोड़कर चला गया है। बाद में कोई जानकारी नहीं दी गई। सगीर के सऊदी के मोबाइल नंबर 00966552796787 00966530168790 पर कई बार प्रयास करने के बावजूद बात नहीं हो पाई। तीन साल से परिजन सगीर की आवाज सुनने के लिए तरस गए हैं।

सगीर के माता पिता परिवार के लोग

मदद को आगे आई अमेरिका की संस्था राना

नागौर के सगीर के लापता होने का मामला सामने आते ही कनाडा राना के मीडिया चेयरमैन प्रेम भंडारी ने गंभीरता दिखाई है। प्रेम भंडारी ने दैनिक भास्कर को बताया कि एक भारतीय नागरिक तीन साल से लापता है और वहां हमारा दूतावास कोई प्रयास नहीं कर रहा है। भंडारी ने बताया कि इस संबंध में वे शीघ्र ही भारतीय विदेश मंत्री सुषमा स्वराज से मिलेंगे। उन्होंने बताया कि वे इसी माह में केंद्र सरकार के मंत्रियों से संपर्क कर लापता नागरिक का पता लगाने की मांग रखेंगे। सऊदी अरब में भारतीयों की मदद करने वाली सामाजिक संस्थाओं से भी सहयोग लिया जाएगा।

हमें हमारे बेटे से मिला दो बस

एक भारतीय नागरिक तीन साल से लापता है। सऊदी में भारतीय दूतावास को दर्जनों पत्र भी यह परिवार भेज चुका है। तीन साल बाद जाकर रियाद स्थित भारतीय दूतावास ने इस परिवार को 10 नवंबर 2014 को वापस जवाब भेजा है। भारतीय दूतावास की तरफ से लेबर एंड वेलफेयर का जिम्मा संभालने वाले अधिकारी जेके दलपति ने इस पर