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रोडवेज में पेंशन फंड खत्म, प्रदेश में 5500 सौ पेंशनधारियों पर संकट
घाटेमें चल रहे राजस्थान रोडवेज में अब पेंशनधारियों को समय पर पेंशन देने के भी पैसे नहीं है। छह माह पहले रोडवेज में पेंशन फंड खत्म हो गया था।
प्रदेश के 5500 सेवानिवृत्त कार्मिक हैं, जिन्हें हर माह 8 करोड़ रुपए देने होते हैं, लेकिन पेंशन फंड में सिर्फ 3 करोड़ रुपए ही जमा हो रहे हैं। अन्य पांच करोड़ रुपए चुकाने के लिए रोडवेज ने जुगाड़ सिस्टम निकालकर प्रतिदिन रोडवेज के बजट से 10 -10 लाख रुपए देने की योजना बनाई, लेकिन कई डिपो के घाटे में होने की वजह से अब समय पर पेंशन नहीं मिल पा रही है। ताजा उदाहरण नागौर, भरतपुर लोहागढ़ डिपो में सामने आई जहां अक्टूबर नवंबर की पेंशन सेवानिवृत्त कार्मिकों को नहीं मिली है।
अधिकृत सूत्रों ने बताया कि राजस्थान रोडवेज में इस बड़ी समस्या के निपटारे को लेकर फिलहाल कोई नीति नहीं बनी है। रोडवेज कार्मिकों की यूनियन सेवानिवृत्त कार्मिकों की यूनियनों के पदाधिकारी भी समय पर पेंशन नहीं मिलने से अब हल्ला मचा रहे हैं। जानकारी में आया है कि ये कार्मिक रोडवेज प्रशासन से लेकर सरकार तक अपनी बात पहुंचा चुके हैं। आने वाले दिनों में यह संकट बढ़ने का अंदेशा है।
हमें नहीं मिली पेंशन
^नागौरडिपो में हम 35 सेवानिवृत्त रोडवेज कार्मिक हैं। अक्टूबर माह की पेंशन नहीं मिली है। नवंबर की पेंशन के बारे में भी अभी नहीं बताया गया है। -सादिक अली, अध्यक्षपेंशनधारी कार्मिक यूनियन संघ नागौर डीडवाना डिपो
यहां जाता है पैसा
रोडवेजके सेवानिवृत्त कार्मिकों की संख्या भी 5500 है। रोडवेज से इन्हें प्रतिमाह 8 करोड़ रुपए पेंशन चुकानी होती है। जिन वर्तमान कार्मिकों के पेंशन फंड का पैसा जमा हो रहा है वह 3 करोड़ प्रति माह ही है। चूंकि सेवानिवृत्त कार्मिकों का पेंशन फंड 6 माह पहले खत्म हो चुका। इसलिए वर्तमान कार्मिकों के फंड का पैसा काम में ले रहे हैं, लेकिन वह भी कम पड़ता है। इसलिए रोडवेज को प्रतिदिन 10 लाख अपने बजट से देने की व्यवस्था करनी पड़ी है।
पेंशन चुकाने में देरी क्यों
पेंशन देने के प्रयास किए जा रहे हैं
^पेंशनकिसी की रोकी नहीं जा रही है। रोडवेज की तरफ से सबको पेंशन देने के प्रयास किए जा रहे हैं। पेंशन फंड खत्म होने की जानकारी फाइनेंस हैड के पास है। पेंशन फंड कब खत्म हुआ, इसको लेकर फाइनेंस हैड से बात करनी होगी। -सुधीर भाटी, प्रवक्ताआरएसआरटीसी जयपुर
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