11 दिन बाद मिला अपह्त इंद्रचंद
जीवनरामगोदारा हत्याकांड के गवाह का डीडवाना से 11 दिन पहले अपह्त भाई इंद्रचंद रविवार शाम को मुंबई पुणे एक्सप्रेस वे पर बदमाशों के चंगुल से छुड़ा लिया गया। हालांकि पुलिस का कहना है कि एक्सप्रेस वे पर बदमाश गाड़ी बदलकर भागने में सफल रहे। इंद्रचंद के अपहरण के पीछे आनंदपाल सिंह की गैंग का ही नाम सामने आया है। इंद्रचंद का पता लगाने के लिए पुलिस ने 11 दिन में 42 गैंगस्टर को टारगेट पर रखकर 70 जगहों पर दबिशें दी तब जाकर सुराग लगा कि इंद्रचंद की सही लोकेशन क्या है।
एसपी एचजी राघवेंद्र सुहासा ने बताया कि अपहरण की वारदात के बाद से पुलिस की 8 टीमें पड़ताल में जुटी थी। इस दौरान यूपी, एमपी और महाराष्ट्र में कई जगहों पर दबिशें दी गई। बदमाश रविवार को जैसे ही यूपी से मुंबई पूणे एक्सप्रेस वे पर पहुंचे तो गैंग का पीछा करना आसान हो गया। इस एक्सप्रेस वे पर एक बार चढ़ने के बाद वापस उतरना या इधर उधर होना मुश्किल होता है। इसपर कोई भी वाहन सीधे ही आगे बढ़ता रहता है। यह अंदाजा होते ही पीछा कर रही नागौर पुलिस ने महाराष्ट्र पुलिस को सूचना भेजी। आगे कोराला के पास महाराष्ट्र
पुलिस ने नाकाबंदी कर ली। इस बीच बदमाशों को भी पुलिस के पीछे होने की भनक मिल गई। इस पर वे अपह्त इंद्रचंद को एक बोलेरो गाड़ी में चपलून के पास छोड़कर स्वयं दूसरी गाड़ी से भाग गए। रात आठ बजे इंद्रचंद को पुलिस ने कोराला के पास से सुरक्षित हालत में दस्तयाब कर लिया।
इंद्रचंद