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‘ग्रामीणों को बैंकों की सेवाओं से जोड़ें’

7 वर्ष पहले
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नागौर. स्वयंसहायता समूह एवं संयुक्त देयता समूह अवधारणा पर जिला विकास कार्यालय, नाबार्ड द्वारा शुक्रवार को जिला स्तरीय समीक्षा एवं प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन हुआ। कार्यशाला में जिले में कार्यरत विभिन्न बैंकों के प्रतिनिधियों, जिला शासकीय अधिकारियों एवं एनजीओ के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया एवं नाबार्ड के संवर्धनात्मक कार्यक्रमों के बारे में जानकारी ली। यूको बैंक के अग्रणी जिला प्रबंधक डीडी नेभनानी ने कार्यशाला की अध्यक्षता करते हुए सभी शाखा प्रबंधकों को जिले के समग्र विकास के लिए ग्रामीणों को बैंकों की सेवाओं से जोड़ने के लिए कहा तथा स्वयं सहायता समूह गठित कर गरीबों को अधिकाधिक लाभ पहुंचाने के लिए प्रेरित किया। मुख्य अतिथि राजस्थान मरुधरा ग्रामीण बैंक के क्षेत्रीय प्रबंधक पीके सक्सेना थे। सक्सेना ने कहा कि नाबार्ड द्वारा चयनित एनजीओ के माध्यम से गठित एसएचजी एवं जेएलजी समूहों को बैंक ऋण देगी। उन्होंने ग्रामीण बैंक द्वारा जिले में डेयरी विकास के लिए की गई पहल के बारे में बताया। कार्यशाला में बैंक ऑफ बड़ौदा के मुख्य प्रबंधक पीके काला ने सभी प्रतिभागियों को नागौर के चहुंमुखी विकास के लिए नाबार्ड द्वारा प्रतिपादित विकासात्मक कार्यक्रमों में अपना योगदान देने के लिए उत्साहित किया। उन्होंने बैंकों को ग्रामीण गरीबों को डीआरआई योजना के तहत त्वरित गति से ऋण देने की बात कही। नाबार्ड के जिला विकास प्रबंधक जीएस शर्मा ने कहा कि सभी प्रतिभागियों को सूचित किया कि महिलाओं, भूमिहीन तथा सीमांत कृषकों एवं लघु उद्यमियों के लाभार्थ बैंकों एवं एनजीओ के माध्यम से नाबार्ड द्वारा स्वयं सहायता समूह तथा संयुक्त देयता समूह के गठन एवं वित्त पोषण के लिए लक्ष्य निर्धारित किए गए। इन लक्ष्यों को एलडीएम द्वारा सभी बैंकों को आवंटित किया गया है। डीडीएम नाबार्ड ने बैंकों को एसएचजी एवं जेएलजी गठन एवं लीकेज प्रगति पर प्रति माह डाटा तैयार कर भेजने के लिए कहा ताकि भारत सरकार को इस संबंध में आवश्यक जानकारी दी जा सके। शर्मा ने प्रतिभागियों को विभिन्न अवधारणाओं पर प्रशिक्षण प्रदान किया एवं परियोजनाओं में रही समस्याओं के संदर्भ में व्यावहारिक निराकरण भी प्रस्तुत किए। मल्टीमीडिया के माध्यम से नाबार्ड की विभिन्न जनोपयोगी योजनाओं जैसे स्वयं सहायता समूह तथा संयुक्त देयता समूह के वित्त पोषण तथा जिले के समग्र विकास पर