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भाजपा जिलाध्यक्ष को मतदान स्थल पर जाने से रोकने पर विवाद
उपजिला प्रमुख के चुनाव में रविवार को पुलिस अधिकारियों भाजपा नेताओं में जोरदार बहस हुई। आलम यह था कि अपने प्रत्याशी का सिंबल लेकर पहुंचे भाजपा के जिलाध्यक्ष रामचंद्र उत्ता को बैरिकेड्स के पास ही वृत्ताधिकारी गोवर्धनलाल ने रोक दिया। जिलाध्यक्ष ने बताया भी कि वे जिलाध्यक्ष हैं और प्रत्याशी का सिंबल जिला निर्वाचन अधिकारी तक पहुंचाने के लिए अधिकृत हैं। इसके बावजूद वृत्ताधिकारी ने जिलाध्यक्ष को अंदर प्रवेश नहीं दिया।
हुआ यूं कि भाजपा जिलाध्यक्ष 10 बजकर 50 मिनट पर सिंबल लेकर पहुंचे। बैरिकेड्स पर वृत्ताधिकारी गोवर्धनलाल ने जिलाध्यक्ष को अंदर जाने से रोक दिया। जिलाध्यक्ष उत्ता ने कहा कि मैं पार्टी का जिलाध्यक्ष हूं और सिंबल लेकर आना मेरी जिम्मेदारी है। इसके बावजूद वृत्ताधिकारी ने उन्हें अंदर प्रवेश नहीं दिया। उत्ता के साथ पहुंचे उपाध्यक्ष मोहन उपाध्याय ने भी बहस की मगर डिप्टी का कहना था कि उन्हें जिला कलेक्टर ने प्रत्याशियों के अलावा किसी को भी अंदर प्रवेश के लिए मना किया है। इसके बाद जिलाध्यक्ष नहीं जा सके। इस बीच अंदर बैठे कलेक्टर राजन विशाल को मामले का पता चला तो उन्होंने एक कर्मचारी को भेजकर भाजपा प्रत्याशी का सिंबल मंगवाया।
भाजपा नेताओं का आरोप है कि इस मामले के आधे घंटे बाद ही जिला प्रमुख सुनीता चौधरी और उनके पति पूर्व विधायक महेंद्र चौधरी लाल बत्ती लगी गाड़ी में पहुंचे। बैरिकेड्स से लेकर परिषद सभागार के अंदर तक महेंद्र चौधरी को किसी ने नहीं रोका।
फोटोजिला प्रमुख के साथ जिला परिषद में जाते पूर्व विधायक महेंद्र चौधरी।
नागौर. भाजपा जिलाध्यक्ष रामचंद्र उत्ता अंदर जाने के लिए पुलिस अधिकारियों से उलझते हुए।
नियमों के हिसाब से रोका था
^हांसही है कि भाजपा जिलाध्यक्ष को अंदर जाने से रोका। वे अंदर मतदान स्थल तक जाना चाहते थे। मुझे तो कलेक्टर ने निर्देश दिए थे। जिला प्रमुख के बारे में पता नहीं। गाेवर्धनलाल,वृत्ताधिकारी नागौर।
मामला पहुंचा उच्च स्तर पर
भाजपानेताओं ने अन्य आला नेताओं को फोन कर शिकायत प्रदेश संगठन को की है। भाजपा जिला उपाध्यक्ष ने कहा कि नियम सबके लिए बराबर लागू होने चाहिए। भाजपा जिलाध्यक्ष सिंबल लेकर जा रहे थे। मात्र 6 मिनट ही बचे थे। इसमें असावधानी होने पर भाजपा प्रत्याशी का नामांकन भी खारिज हो सकता था।