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बर्न यूनिट नहीं इसलिए जले हुए मरीजों को कर रहे हैं जोधपुर रेफर

7 वर्ष पहले
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समय पर उपचार नहीं मिलने पर दम तोड़ रहे हैं मरीज। एक सप्ताह में दो मामले चुके हैं सामने

भास्करन्यूज| नागौर

राजकीयचिकित्सालय में बर्न युनिट की सुविधा नहीं होने से हादसों में जलने वाले मरीजों को उचित उपचार समय पर नहीं मिल रहा है।

हालिया दिनों की घटनाओं पर गौर करें तो ऐसे दो मरीजों की उपचार के दौरान मौत हो गई जो किसी किसी हादसे में जल गए थे और उन्हें 8 से 10 घंटे तक पर्याप्त उपचार नहीं मिल पाया। मंगलवार को कठौती में मां उसकी मासूम बेटी को अस्पताल में इलाज के अभाव में तड़पते देख हर किसी का दिल तड़प उठा।

जिला मुख्यालय पर बर्न युनिट नहीं होने से मरीजों की जान के साथ खिलवाड़ हो रहा है। कुछ समय पहले जिला अस्पताल में बर्न यूनिट के लिए अस्थाई कक्ष बनाया गया था। अब वह कक्ष बंद कर दिया गया है। बीकानेर रोड पर बने ट्रोमा सेंटर के भी यही हाल हैं। वहां बर्न यूनिट तो बना दी गई है। मगर उपकरण स्टॉफ नहीं आए हैं। इसलिए अस्पताल चालू नहीं किया जा सका है। आलम यह है कि 25 प्रतिशत से ज्यादा बर्न हुए मरीज को राजकीय चिकित्सालय से रेफर कर देते है। डॉक्टरों की मानें तो रेफर के अलावा कोई उपाय भी नहीं है।15 दिन में आए 5 मरीज, दो की मौत राजकीय चिकित्सालय में प्रत्येक महीने औसतन सात मरीज हादसों में जलने की वजह से जिला अस्पताल रहे हैं। सितंबर महीने की 16 तारीख तक बर्न के 5 मरीज राजकीय चिकित्सालय में चुके है। इनमें से दो मरीजों की मौत समय पर उपचार नहीं मिलने की वजह से जोधपुर पहुंचने के बाद हो गई। बर्न मरीजों की संख्या एक साल में करीब 100 के आंकड़े को पार कर जाती है तथा इनमें से करीब 80 मरीजों की इलाज के अभाव में मौत हो जाती है। आंकड़े के अनुसार बर्न के मरीजों में पुरूषों की तुलना में महिलाओं की संख्या ज्यादा आती है।

क्याहै बर्न युनिट

बर्नयुनिट में आईसीयू जैसी सुविधा होती है। इसमें केवल बर्न से घायल मरीजों का ही इलाज किया जाता है। इसके लिए स्टॉफ को अलग से ट्रेनिंग दी जाती है। युनिट में सफाई का विशेष ध्यान रखा जाता है ताकि इंफेक्शन का खतरा हो सके। बर्न युनिट में काम आने वाले औजार अन्य चिकित्सा संबंधी सामग्री को ऑटोक्लेव कर ही काम में लिया जाता है। बर्न युनिट होने से मरीजों की जान बचाई जा सकती है। बर्न यूनिट होने पर मरीज अगर 80 प्रतिशत जलाहो तो भी उसकी जान बचाने की संभावना अधिक