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चोरों पर पड़े....

7 वर्ष पहले
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चोरों पर पड़े....

गश्ततो होती है पर: शहर में पुलिस रात को गश्त तो कर रही है, मगर यह गश्त प्रभावी क्यों नहीं हो रही है। इस पर भी आला अधिकारियों को चिंतन करने की जरूरत महसूस की जा रही है। अक्सर रात को तीन या चार बजे तक तो पुलिसकर्मी सड़कों पर घूमते दिखते हैं मगर चार बजे से तड़के छह सात बजे तक पुलिस गश्त नहीं रहती। इसके अलावा गश्त करने वाले पुलिसकर्मियों की संख्या में भी कमी है।

बसऑपरेटरों की

निजीबसों बड़ा जाल :कस्बे सेदिनभर करीब पचास से ज्यादा निजी बसें से नागौर से कुचामन के बीच चलती हैं। इसके लिए जायल बस स्टैंड सभी बसों को स्टॉपेज होता है। सभी बसें इन निजी बसों के आगे-आगे चलती हैं और सवारियां भरकर ले जाती हैं। रोडवेज इन बसों को अवैध बताती है लेकिन पुलिस आरटीओ की मिलीभगत से इन बसों का संचालन रुक नहीं पा रहा है। दिनभर में रोडवेज के मुकाबले यहां निजी बसों की तादाद बहुत है।

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