अस्पताल प्रशासन ने बदले सीसीटीवी कैमरे
गुरुवार को नागौर के राजकीय अस्पताल में अपने भाई को दिखाने आए एक शिक्षक की जेब से ओपीडी गैलेरी में किसी ने कर दिए थे 30 हजार रुपए पार, कैमरे खराब होने से नहीं हो पाई थी रिकॉर्डिंग
राजकीय चिकित्सालय की ओपीडी गैलेरी में से गुरुवार को एक शिक्षक की जेब से 30 हजार रुपए पार करने की घटना के बाद अस्पताल में लगे खराब सीसीटीवी कैमरे को आखिर शनिवार को अस्पताल प्रशासन ने बदल ही दिया। संजय कॉलोनी निवासी राधेश्याम पुत्र पुरखा राम वैष्णव गुरुवार को अपने भाई को कमर दर्द की शिकायत होने पर राजकीय चिकित्सालय दिखाने ले गए।
डॉक्टर को दिखाने के बाद दवाइयां लेने वह लाइफ लाइन स्टाेर पर पहुंचे। पैसे निकालने के लिए जेब में हाथ डाला तो 29 हजार 700 रुपए की गड्डी गायब थी। उन्होंने काफी पूछताछ की, लेकिन पता नहीं चला। बाद में गैलेरी में लगे कैमरे को देखकर उन्हें शांति मिली, लेकिन जैसे ही वह वीडियो फुटेज देखने के लिए पीएमओ के पास पहुंचे तो उन्होंने बताया कि कैमरा तो चालू है, लेकिन रिकॉर्डिंग नहीं हाेती और डिस्प्ले नहीं आता। इस पर राधेश्याम ने अपने एक कंप्यूटर इंजीनियर दोस्त को बुलवाकर जांच करवाई तो पता चला कि गत चार पांच माह से कैमरे कुछ रिकॉर्ड ही नहीं कर रहा। इसको लेकर भास्कर ने खबर प्रकाशित की थी। खबर के बाद हरकत में आए अस्पताल प्रशासन ने आनन फानन में नया सीसीटीवी कैमरा लगवाया।
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नागौर. खबर प्रकाशित होने के बाद राजकीय अस्पताल की ओपीडी गैलेरी में लगा नया कैमरा।