नागौर। शहर में एक ओर जहां मौसमी बीमारियों का प्रकोप छाया है तो दूसरी ओर शहर के लगभग 30 हजार लोग पिछले 10 दिनों से गंदा पानी पी रहे हैं।
शहर में करीब 15 स्थानों पर पाइप लाइन लीकेज हैं जिन्हें लंबे समय से दुरुस्त नहीं किया गया है। इन्हीं लीकेजों के कारण पाइप लाइनों में दूषित पानी घुस गया है जिससे कई इलाकों को दूषित और गंदा पानी पीने को मिल रहा है।
इससे शहर में भी बीमारियां पनपने का खतरा बढ़ गया है। शहर में लगातार दस दिनों से रहे गंदे पानी से परेशान ज्यादातर लोगों ने पेयजल टैंकर घरों में डलवाना शुरू कर दिया है। कई घरों में तो वाटर प्योरीफायर मशीनें लगी हैं लेकिन गरीब परिवारों का जीना मुश्किल हो गया है। गंदा पानी आने से उन्हें पानी का टैंकर मंगवाना पड़ रहा है।
समाधान| जलदाय महकमा जल्द सुधारे लीकेज
किलेकी ढाल स्थित पेट्रोल पंप के पीछे रहने वाले मंजूर मिस्त्री, न्यू कॉलोनी निवासी ओमप्रकाश भाटी कांकरिया स्कूल के सामने रहने वाले बबलू कच्छवाहा सहित अनेक शहरवासियों ने बताया कि कई बार नगर परिषद और पीएचईडी को शिकायत की लेकिन गंदा पानी आना जारी है। उन्होंने कहा कि जलदाय विभाग जल्द लीकेज सुधारे तो लोगों को इस समस्या से राहत मिले।
समस्या | शिकायतकी मगर नहीं रुका गंदा पानी
जिलेकी सबसे बड़ी समस्या पानी ही है और शहरवासियों को जलदाय महकमा गंदा पानी पिला रहा है। शहर के आठ बड़े मोहल्लों में नलों से लगातार दसवें दिन भी गंदा पानी पीने को मिल रहा है। बीमारियों के डर से कई जगह तो यह हालात हैं कि लोग घरों में इस पानी को काम में नहीं ले रहे हैं। इससे बीमारियां फैलने का अंदेशा है। शिकायत के बावजूद प्रशासन ने अभी तक कोई सुध नहीं ली है।
शहर की न्यू कॉलोनी में तो गंदे पानी से हालात बेहद खराब हैं। लोग मजबूरी में पानी के टैंकर डलवा रहे हैं। कई घरों में नल आने पर कपड़े से छानकर पानी भर रहे हैं। गंदे पानी के साथ पानी भी कम रहा है। गंदा पानी आने का प्रमुख कारण लीकेज है। पानी रुकने पर गंदा पानी वापस पाइप लाइन में जा रहा है। इस कारण दूषित पानी एक बड़ा खतरा बन गया है।
रुडिप के कार्य से लिकेज हो जाते हैं: आरआर शर्मा
पीएचईडीएईएन आरआर शर्मा से भास्कर की बातचीत
भास्कर : मोहल्लों में गंदा पानी किस कारण रहा है?
शर्मा : हमारेपास गंदे पानी को लेकर अब तक ऐसी कोई शिकायत नहीं आई है।
भास्कर: शहर में लीकेज किस कारण हो रहे हैं?
शर्मा : शहरमें चल रहे रुडिप के कार्य से पाइप लाइनें लीकेज हो जाती हैं लीकेज बंद करने का कार्य मंगलवार को ही शुरू कर दिया गया है।
भास्कर: गंदे पानी का कोई टेस्ट होता है क्या ?
शर्मा : पीएचईडी में लगी लेबोरेट्री पर हर 15 से 20 दिनों के भीतर की जाती है और टंकियों में पानी शुद्ध रखने के लिए दवा भी डाली जाती है।
न्यू कॉलोनी में गंदा पानी दिखाते मोहल्लेवासी।
नागौर. मानासर चौराहे पर लीकेज पाइप लाइन से सड़क पर व्यर्थ बहता पानी।