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भास्कर न्यूज | नागौर

7 वर्ष पहले
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भास्कर न्यूज | नागौर

जिलेमें खाद्य पदार्थों में बच्चों की टॉफी और आम आदमी का भोजन आटा दोनों ही सुरक्षित नहीं है। इनमें मिलावट की जा रही है।

चिकित्सा विभाग के खाद्य निरीक्षकों की टीम ने नौ माह में जिले की दुकानों पर जाकर खाने पीने की चीजों के जो 110 नमूने लिए थे उनमें से लेबोरेट्री जांच में 29 नमूने मिलावटी पाए गए। जिन दुकानदारों के यहां मिलावटी वस्तुएं मिली उनके खिलाफ कुछ मामलो में तो चालान पेश किया गया और कुछ मामले में कोर्ट में चल रहे हैं।

खाद्य विभाग द्वारा इस वर्ष में जिले भर से कुल110 सैंपल लिए गए है। जिनमें 81 सैंपल लेबोरेट्री में पास हो गए है जबकि 29 सैंपल फेल हो गए है। जिले भर से फेल हुए 29 सैंपलों में से 7 सैंपल घी के है तथा बाकी सैंपल मिर्च पाउडर, पान मसाला, कुल्फी, ज्यूस, फ्रूट ड्रिंक, आइस्क्रीम, आटा, चॉकलेट एवं मावा के थे।

जांचके बाद भी पनप रहे हैं मिलावट खोर

खाद्यविभाग की कार्रवाई के बाद भी मिलावट खोरों के हौसले बुलंद होते जा रहे है। जिले भर में कुल 200 सैंपल भरने के टारगेट फूड इंस्पेक्टर को दिए जाते है जिनमें प्रति माह के हिसाब से आठ सैंपल लेने होते है। इस प्रकार पूरे साल में यह 200 सैंपल भरने का आंकड़ा पार करना होता है। जैसे तैसे फूड इंस्पेक्टर द्वारा टारगेट पूरा कर दिया जाता है। लेकिन उसके बावजूद मिलावट खोरों पर लगाम नहीं लगाई जा सकी है।

यहकहना है फूड इंस्पेक्टर अनिल शर्मा का

खाद्यविभाग अपनी ओर से प्रयास किए जा रहे हैं कि जिले में मिलावट खोरों पर शिकंजा कसा जाए। त्यौहारों को लेकर हालाँकि सरकार से कोई विशेष अभियान चलाने के आदेश अब तक तो नहीं आए है।

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