साधना एवं अनुशासन से संवरता है जीवन
नागौर. राजकीयबीआर मिर्धा कॉलेज में राष्ट्रीय सेवा याेजना एवं वाईडीसी के संयुक्त तत्वावधान में मंगलवार को व्यक्तित्व विकास के साथ-साथ कॅरिअर डवलपमेंट का कार्यक्रम हुआ। इस अवसर पर मुख्य वक्ता डॉ. गजादान चारण ने कहा कि विद्यार्थियों को जीवन को हमेशा व्यवस्थित करना चाहिए नहीं तो पूरा जीवन लड़खड़ा जाएगा। जीवन को संवारने के लिए सतत साधना एवं अनुशासन की जरूरत है। राजस्थान भाषा साहित्य संघर्ष समिति के अध्यक्ष लक्ष्मण दान कविया ने राजस्थानी भाषा के महत्व को बताते हुए विद्यार्थियों से जुड़ने का आह्वान किया। कार्यवाहक प्राचार्य एसआर रिणवां ने कहा कि ऐसे कार्यक्रमों की सार्थकता को रेखांकित करते हुए बताया कि बिना खोए कुछ पाया नहीं जाता। शिक्षा के साथ-साथ खेल को भी जीवन के लिए आवश्यक बताया। कार्यक्रम का संचालन डॉ. शंकर लाल जाखड़, डॉ. महेंद्र सिंह राठौड़, लेफ्टिनेंट प्रेमसिंह बुगासरा, प्रो. दुर्गेश पारीक, प्रो. नवल सीताराम तांडी उपस्थित थे।