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40 साल पुरानी डिस्पेंसरी के गुपचुप लगा दिया ताला

7 वर्ष पहले
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काजियोंके चौक में 40 साल से चल रही उगम कंवर चेरिटेबल ट्रस्ट एड पोस्ट डिस्पेंसरी को गुपचुप बंद कर दिया गया है। सबसे बड़ी बात यह है कि शहर के लोगों को शहर के बीच में चिकित्सा सुविधा देने के लिए शुरू की गई इस डिस्पेंसरी का ताला लगाने का निर्णय पूर्व पीएमओ ने कलेक्टर के साथ बैठक में पारित करवाया था। इसकी खबर भी शहर के लोगों को नहीं दी गई।

शहर के लोगों को शहर के बीच में ही तत्काल प्राथमिक इलाज मिल सके और छोटी छोटी परेशानियों के लिए बड़े अस्पताल नहीं जाना पड़े इसलिए यह डिस्पेंसरी भामाशाहों द्वारा बनवाई गई थी। उस समय इस पर लाखों रुपए की लागत से डिस्पेंसरी बनी थी लेकिन आज तो अस्पताल प्रशासन इसकी सुध ले रहा है और ही प्रशासन इस और ध्यान दे रहा है। शहर में चार डिस्पेंसरी है उसमें से एक बंद पड़ी है ऐसे में शहर के लोगों को इलाज के लिए राजकीय अस्पताल आना पड़ता है।

भवनजर्जर बहाना बनाया

पूर्वमें पीएमओ डॉ. तुलसीराम चौधरी के कार्यकाल के दौरान इस डिस्पेंसरी का भवन जर्जर होने की वजह से डिस्पेंसरी बंद करने का निर्णय लिया गया। उस दौरान मेडिकल रिलीफ सोसायटी की बैठक में तत्कालीन कलेक्टर के समक्ष इस मामले को रखकर सहमति भी ले ली गई थी।

स्टाफसेवानिवृत्त हो गया

^काजियों के चौक स्थित डिस्पेंसरी पूर्व पीएमओ के कार्यकाल के दौरान ही बंद कर दी गई थी। इसका निर्णय एमआरएस की बैठक में लिया गया था। डिस्पेंसरी बंद करने के पीछे कारण था कि भवन क्षतिग्रस्त था और गिरने की स्थिति में था। इसलिए बंद किया गया। यहां पर लगा स्टाफ भी सेवानिवृत्त हो चुका हैं। दूसरी जगह डिस्पेंसरी को शिफ्ट नहीं किया गया क्योंकि चेरिटेबल ट्रस्ट की बिल्डिंग होने से इसका किराया हमें नहीं देना पड़ता था। डॉ.प्रदीप गुप्ता, पीएमओ,नागौर।

भास्कर न्यूज | नागौर

काजियोंके चौक में 40 साल से चल रही उगम कंवर चेरिटेबल ट्रस्ट एड पोस्ट डिस्पेंसरी को गुपचुप बंद कर दिया गया है। सबसे बड़ी बात यह है कि शहर के लोगों को शहर के बीच में चिकित्सा सुविधा देने के लिए शुरू की गई इस डिस्पेंसरी का ताला लगाने का निर्णय पूर्व पीएमओ ने कलेक्टर के साथ बैठक में पारित करवाया था। इसकी खबर भी शहर के लोगों को नहीं दी गई।

शहर के लोगों को शहर के बीच में ही तत्काल प्राथमिक इलाज मिल सके और छोटी छोटी परेशानियों के लिए बड़े अस्पताल नहीं जाना पड़े इसलिए यह