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1500 स्कूलों ने इंस्पायर अवार्ड के लिए नहीं करवाया रजिस्ट्रेशन
लापरवाही
बच्चों के अवार्ड से वंचित होने पर संस्था प्रधान होंगे जिम्मेदार
जिलेमें स्कूलों के मुखिया सरकारी योजनाओं का लाभ बच्चों तक पहुंचाने में रूचि नहीं दिखा रहे है। इसकी एक बानगी सामने आई है कि मानव संसाधन विकास मंत्रालय की ओर से दिए जाने वाले इंस्पायर अवार्ड सत्र 2014-15 के लिए स्कूलों को शिक्षा विभाग में रजिस्ट्रेशन करवाकर 15 दिसम्बर तक बच्चों का नोमिनेशन करवाना है मगर मंगलवार तक जिले में पात्र करीब दो हजार स्कूलों में से 557 स्कूलों ने ही रजिस्ट्रेशन करवाया है। इनमें से महज 90 स्कूलों ने बच्चों का नोमिनेशन किया है। भारत सरकार के मानव संसाधन विकास मंत्रालय और विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग की ओर से कक्षा छह से आठवीं 9वीं से 10वीं तक के बच्चों में से विज्ञान गणित विषय में अधिक अंक लाने वाले बच्चों को 5-5 हजार रुपए की राशि पुरस्कार स्वरूप प्रदान की जाती है। शेषपेज 15 पर
> इंस्पायर अवार्ड के लिए सबसे पहले स्कूलों को अपनी ई-मेल आईडी बनानी होगी।
> इसके बाद इंस्पायर अवार्ड की साइट पर स्कूल का रजिस्ट्रेशन फॉर्म भरना होगा।
> रजिस्ट्रेशन के लिए शिक्षा विभाग की ओर से स्कूलों को मेल पर यूजर आईडी और पासवर्ड भेजे जाएंगे।
> इसके बाद स्कूल अपने स्तर पर बच्चों की जानकारी उसमें दर्ज करेंगे और सबमिट करेंगे।
एकतरफ बढ़ावा, दूसरी ओर लापरवाही
राज्यसरकार की ओर से जिले में नए शिक्षा सत्र से 235 स्कूलों को क्रमोन्नति के आदेश जारी किए गए थे उनमें से 155 स्कूलों में विज्ञान संकाय खोलने की बात कही गई मगर दूसरी ओर जिले में 1500 स्कूलों द्वारा शिक्षकों के प्रशिक्षण प्राप्त करने के बाद भी अंतिम तिथि के करीब होने पर भी रजिस्ट्रेशन नहीं होना संस्थाप्रधानों की लापरवाही की ओर संकेत कर रहा है। उधर, बच्चों का नोमिनेशन नहीं करने से नन्ही वैज्ञानिक प्रतिभाओं को भी आगे बढ़ने का मौका नहीं मिल पाएगा।
ऑनलाइन होगा रजिस्ट्रेशन
^सभी स्कूलों को इंस्पायर अवार्ड के रजिस्ट्रेशन करवाना अनिवार्य है। यदि किसी स्कूल के बच्चे अवार्ड से वंचित रहते है तो संस्थाप्रधान जिम्मेदार होंगे। एमपीश्रीकांत, एडीईओ,माध्यमिक प्रथम-नागौर