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7 वर्ष पहले
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जायल।कस्बेमें शुक्रवार को स्टेट बैंक के एटीएम से तीन युवकों ने एक व्यक्ति का एटीएम बदल कर उसके खाते से रुपए निकाल लिए। हैड कांस्टेबल रामदेव जैवलिया ने बताया कि बैंक से जायल एटीएम के सीसीटीवी फुटेज प्राप्त किए। बदल गए एटीएम धारक का नाम ट्रेस किया गया, लेकिन पीड़ित पक्ष की ओर से कोई मामला दर्ज नहीं करवाने के कारण पुलिस अधीक्षक कार्यालय से कुचेरा बैंक के एटीएम से फुटेज प्राप्त करने की तहरीर जारी नहीं हो सकी। इस कारण मामले में कोई प्रगति नहीं हो सकी। पुलिस ने बैंक से एटीएम को ऑनलाइन ट्रेस करवाया। इसमें एटीएम एसबीआई की चूरू जिले के सुजानगढ़ शाखा के उपभोक्ता शीशराम के नाम से निकला। एटीएम चालू हालत में है। कस्बे का अयूब छींपा शुक्रवार सुबह 9 बजे एसबीबीजे एटीएम में आया और पैसे निकालने के लिए एटीएम कार्ड डाला। लेकिन एटीएम ने काम नहीं किया। मौके पर खड़े तीन युवकों ने एटीएम लेकर पिन नंबर लगाया लेकिन एटीएम ने काम नहीं किया गया। इस दौरान दो युवक कक्ष में घुसे। एक बाहर खड़ा रहा। बाद में अयूब चला गया। दो घंटे बाद उसके मोबाइल पर 19 हजार रुपए निकालने का मैसेज आया। कुचेरा में एटीएम से यह रुपए निकाले गए थे। बाद में उसने देखा तो एटीएम किसी और के नाम से निकला। फिर बैंक पुलिस को सूचना दी। लाडनूं में शुक्रवार शाम को ऐसी ही वारदात हुई, लेकिन पीड़ित ने तो थाने में कोई सूचना दी और कार्रवाई आगे बढ़ाई। दिन भर कस्बे में इस बात को लेकर चर्चाएं रहीं। इसमें भी दो आरोपियों ने एक व्यक्ति का एटीएम बदलकर 8 हजार रुपए निकाल लिए थे। एक साल में विभिन्न क्षेत्रों में इस प्रकार की तीन दर्जन से ज्यादा वारदातें हो चुकी है। सभी एटीएम में इस संबंध में खूब दिशा निर्देश दे रखे होते हैं कि अपना कार्ड किसी काे दें। लेन देन के समय पिन नंबर किसी को देखने दें। फिर भी लोग इन शातिर अपराधियों से धोखा खा जाते हैं। इन वारदातों के पीछे जितना जिम्मेदार पीड़ित स्वयं होता है उतना ही जिम्मेदार बैंक भी है।

जरागौर कीजिए इन पर भी: अकेलेकलक्ट्रेट रोड स्थित एसबीबीजे के एटीएम में इस प्रकार से चोरी की आधा दर्जन वारदातें हो रखी है, लेकिन आज भी वहां कोई गार्ड नजर नहीं आता। बीकानेर रोड स्थित कांकरिया स्कूल के पास वाले एटीएम में भी कई वारदातें हो चुकी है, फिर भी बैंक की ओर से हालात सुधारने की कोई कोशिश नहीं हुई।

राष्ट्रीयकृतबैंक ही क्