नागौर। अभिनव राजस्थान अभियान के कार्यकर्ताओं की समीक्षा बैठक गुरुवार को किले की ढाल स्थित एक सभागार में हुई। बैठक में पिछले छह महीनों में जिले में प्रशासन के कामकाज की समीक्षा की गई।
अशोक चौधरी के अनुसार समीक्षा पाया गया कि नहर परियोजना के प्रथम चरण का काम फिर मंदा हो गया। जिले में सड़क दुर्घटनाएं बढ़ रही है फिर भी जिले में परिवहन विभाग और सार्वजनिक निर्माण विभाग सोये हुए है। नागौर में केन्द्रीय विद्यालय खोलने की प्रक्रिया सुस्त हो गई है। साथ ही जिले के छह स्थानों पर मॉडल स्कूल खोलने के लिए अभी तक जमीन नहीं दी गई। शहर में रूडिप का कार्य भी धीमे चल रहा है। शहर के विद्युत तंत्र में सुधार की योजना भी ठंडे बस्ते में है।
जिले की एकमात्र मिट्टी खनिज टेस्टिंग का वाहन 1995 से गैरेज में बंद पड़ा है। ड्राइवर नहीं होने के बहाने का किसानों को बड़ा नुकसान उठाना पड़ रहा है। साथ ही बताया कि फरवरी के अंत तक सभी विभागों की मासिक प्रगति सूचनाएं एकत्रित करके 23 मार्च को शहीद भगतसिंह दिवस पर जोधपुर में होने वाले संभागीय स्तर के सम्मेलन में विस्तार से चर्चा कर विश्लेषण किया जाएगा। इस मौके पर जेठाराम, जितेन्द्र भादू, अभिनव, डालूराम, रवि सैनी, प्रदीप ग्वाला सहित कार्यकर्ता शामिल थे।