नागौर। आरोपी ने परिषद के विरुद्ध अस्थाई निषेधाज्ञा की मांग को लेकर न्यायालय सिविल जज क, नागौर में वाद दायर किया। कोर्ट ने वाद खारिज कर दिया। अतिरिक्त जिला न्यायालय ने भी अपील खारिज कर दी।
उसने जोधपुर स्थित हाइकोर्ट की शरण ली, लेकिन वहां भी बात नहीं बनी। उसने कलेक्टर द्वारा जमीन अलॉटमेंट के आदेश के विरुद्ध राजस्व अपील अधिकारी नागौर के यहां अपील की, लेकिन वहां भी निषेधाज्ञा नहीं मिली।