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शिक्षकों का स्थायीकरण नहीं तो करेंगे आंदोलन
जिलेके नवनियुक्त शिक्षक संघर्ष समिति के द्वारा तृतीय श्रेणी शिक्षक 2012 के परिवीक्षाकाल पूर्ण होने पर वेतन परिलाभ मिलने तथा स्थाई करण प्रक्रिया प्रारंभ करने पर मंगलवार को रोष मार्च निकाला गया।
संघ ने उपखंड अधिकारी अतिरिक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी जिला परिषद को ज्ञापन सौंपा गया। शिक्षक (नवनियुक्त 2012) संघर्ष समिति अध्यक्ष विद्याधर थोरी ने बताया कि नवनियुक्त अध्यापकों का परिवीक्षाकाल सितंबर 2014 को पूरा हो चुका है। इसके बावजूद कई बार आपको अवगत कराया जा चुका है। परंतु 6 माह बीतने के बावजूद ना तो हम शिक्षकों का स्थायीकरण किया गया और ही वेतन का नियमितीकरण किया गया है। दोनों ही परिस्थितियों में हम शिक्षक मानसिक, शारीरिक, आर्थिक तथा सामाजिक दुष्प्रभावों का सामना कर रहे हैं। क्या कारण है कि हम सब अपनी योग्यता के बूते राजकीय सेवा को अपने पूर्ण समर्पण के साथ निभा रहे हैं। फिर भी हमारा स्थायीकरण नहीं किया जा रहा है। संघर्ष समिति के उपाध्यक्ष राजेंद्र लामरोड ने कहा कि अतिशीघ्र 7 दिवस के भीतर आप उचित कार्यवाही कर वर्ष 2012 की भर्ती में नियुक्त शिक्षकों का जिनका परिवीक्षाकाल पूर्ण हो चुका है, का स्थायीकरण तथा वेतन नियमितीकरण का आदेश कराएं। यदि 7 दिवस में आदेश जारी नहीं किए तो हमारी संघर्ष समिति मजबूरन अगला कदम आंदोलन के रूप में उठाएगी।
समिति क्रमिक अनशन भी करेगी। बैठक में शिक्षक संघ शेखावत के जिला अध्यक्ष अर्जुनराम लोमरोड ने संघर्ष समिति को पूर्ण सहयोग देने का वादा किया। समिति के मीडिया प्रभारी मनीष गहलोत ने बताया कि 20 फरवरी को जिला परिषद का घेराव कर सांकेतिक धरना दिया जाएगा। इसमें पूरे जिलेभर से अध्यापक सम्मिलित होंगे। ज्ञापन देने वाले प्रतिनिधिमंडल में भरतकुमार सेन, राजाराम, नरेंद्र सोनी मौजूद थे।