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रावण पर नहीं महंगाई का असर, पांच साल से एक ही रेट का टेंडर

7 वर्ष पहले
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नागौर| नगरपरिषद पांच साल से 75 हजार रुपए के टैंडर पर ही रावण का पुतला बनाने के लिए ठेकेदार की तलाश करती रही है। इस बार भी ऐसा ही किया जाता है। इस पर जो निविदाएं आती हैं उनमें से जो चुनी जाती हैं उसे भी परिषद द्वारा तीन चार हजार रुपए तो कम करवा ही लिए जाते हैं। एक तरफ सालो साल महंगाई का ग्राफ बढ़ रहा है, दूसरी ओर रावण का पुतला इससे बेअसर है। इसके साथ आतिशबाजी के लिए इस बार परिषद की ओर से ही खर्चा किया जाएगा। नगर परिषद आयुक्त पोकर चौहान ने बताया कि हर बार की तरह इस बार भी टैंडर 75 हजार का ही निर्धारित किया गया है। टैंडर मिलता तो नागौर के ठेकेदार को ही है, लेकिन इसको बनाने का पूरा काम जोधपुर में ही होता है। स्टोर कीपर हरीश सांखला ने बताया कि दशहरे से तीन दिन पहले नागौर में तैयार पुतला अलग-अलग हिस्सों में ट्रकों में भरकर नागौर लाया जाता है। फिर राजकीय स्टेडियम में उसे फिनिशिंग देकर खड़ा किया जाता है। आतिशबाजी के लिए परिषद की ओर से लगभग 60 हजार रुपए तक का खर्च किया जाएगा। इसके लिए केवल दो ठेकेदार ही आगे आए थे, ऐसे में टैंडर नहीं हो सका। परिषद को अब अपने स्तर पर ही आतिशबाजी का इंतजाम करना है। पुतले की लंबाई इस बार भी 35 फीट ही रखी गई है। इस बार टैंडर किसे मिलेगा यह सोमवार तक फाइनल हो जाएगा।