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राष्ट्रीय पक्षी मोरों की मौत की जांच शुरू
नैनवां| भंडेडागांव में मरे छह राष्ट्रीय पक्षियों की मौत जहरीला दाना चुगने से हुई थी। वन विभाग ने इसे शिकारियों की करतूत मानते हुए जांच शुरू की है। भंडेडा गांव में शनिवार को छोटूलाल तिवारी के खेत की मेर सगसजी के खाळ के पास संदिग्धावस्था में छह मोरों की मौत हो गई। बांसी वन विभाग के नाका स्टाफ ने शनिवार शाम को मौके से पांच मादा एक नर मोर का शव बरामद किया था।
इनका रविवार को नैनवां पशु चिकित्सालय में मेडिकल बोर्ड से पोस्टमार्टम करवाया गया। पशु चिकित्सक डॉ. बृजेश मीणा ने बताया कि मोरों के शवों के पेट से मक्का के दाने मिले हैं। प्रथम दृष्टया इनकी मौत जहरीला दाना चुगने से होना प्रतीत होती है, लेकिन शवों से विसरा लिया गया है, जिसे एफएसएल जांच के लिए भेजा जाएगा। वहां से रिपोर्ट आने के बाद इनकी मौत का वास्तविक कारण पता चल सकेगा। इधर, रेंजर संजीव गौतम ने बताया कि मौके पर किसी भी प्रकार के अनाज के दाने नहीं मिले हैं तथा ग्रामीणों से पूछताछ में भी कोई संदिग्ध व्यक्ति देखना नहीं बताया है।
28दिन में दूसरी घटना
क्षेत्रमें 28 दिन में मोर मारने की यह दूसरी वारदात सामने आई है। इससे पहले 11 जनवरी को भावपुरा-धीरपुरा मार्ग पर भी शिकारियों ने जहरीला दाना डालकर नौ राष्ट्रीय पक्षी मारे थे।
सावोंमें बढ़ती हैं वारदातें
सावोंके समय मोर के शिकार की घटनाएं ज्यादा सामने आती हैं। इसके पीछे एक कारण सामने आया है कि एक आपराधिक पृष्ठभूमि की जाति में बेटी के विवाह में दहेज में मोर भी दिए जाते हैं।