नैनवां में श्रावकों ने किया पूजन संगीतमयी भजनों पर हुए नृत्य
नैनवां| शहरके गढ़चौक में चल रहे आर्यिका विशुद्धमति माताजी जन्म जयंती महोत्सव पर कई कार्यक्रम हुए। पौने चार बजे सौभाग्यवती महिलाओं ने चौके पूरण की क्रिया को संपन्न किया। इसके बाद गुरु मां का आशीर्वाद सभी भक्तों पर पौन सात बजे तक बरसता रहा। उस वक्त विभिन वाद्य यंत्रों से दिव्य ध्वनी बिखेरी गई। सवा सात बजे जिन प्रभु का कलशाभिषेक शांतिधारा के साथ पूजा-अर्चना कर अर्घ्य समर्पित किया। सुबह 8 बजे अग्रवाल दिगबंर जैन मंदिर से कार्यक्रम स्थल गढ़चौक प्रागंण तक आर्यिका संघ का भव्य जुलूस निकाला गया। वहां आर्यिका विशुद्धमति माताजी के जन्म जयंती महोत्सव की विधान पूर्वक पूजन हुआ। प्रथम सत्र के मुख्य अतिथि अजय बाकलीवाल थे। दूसेर सत्र मुख्य अतिथि कैलाशचंद सरार्फ कोटा थे। माताजी ने 250 ग्रंथों का लेखन अनुवाद किया। गुरु आचार्य निर्मल सागर महाराज ने जूनागढ म.प्र. से अपना हस्त लिखित उपाधि पत्र भिजवाकर आज सम्यक ज्ञान शिरोमणी र| उपाधि प्रदान की गई।
नैनवां। जंयती महोत्सव के तहत अर्घ्य देते इंद्र और इंद्राणी के स्वरूप।