अजमेर. नसीराबाद विधानसभा क्षेत्र से विधायक निर्वाचित हाेने के बाद रामनारायण गुर्जर ने शुक्रवार को श्रीनगर पंचायत समिति के प्रधान पद से इस्तीफा दे दिया। गुर्जर ने पंचायत समिति के वार्ड संख्या 9 के सदस्य पद से भी इस्तीफा दे दिया है।
उन्होंने पहले जिला कलेक्टर भवानी सिंह देथा को अपना इस्तीफा सौंपा, लेकिन बाद में कलेक्टर ने नियमों का हवाला देते हुए उन्हें जिला परिषद में जाकर इस्तीफा देने की सलाह दी। इस पर गुर्जर ने जिला प्रमुख सीमा माहेश्वरी सीईओ एसआर गुगरवाल के समक्ष इस्तीफा पेश किया।
तब तक क्या?
प्रधान का चुनाव करवाए जाने तक किसी को भी इस पद का चार्ज सौंपा जा सकता है। प्रधान का पद सामान्य वर्ग के लिए आरक्षित होने के कारण किसी को भी प्रधान पद का ताज पहनाया जा सकता है।
उप प्रधान को मिल सकता है चार्ज
नगर पंचायत समिति में मौजूदा उप प्रधान मजीता बानो हैं। सामान्य वर्ग के लिए आरक्षित पद होने के कारण इन्हें भी प्रधान का चार्ज दिया जा सकता है। हालांकि प्रदेश में भाजपा सत्तारूढ़ है, जबकि मजीता बानो कांग्रेस से विजयी होकर उप प्रधान बनी थीं।
संख्या बल में भाजपा आगे
श्रीनगर पंचायत समिति में 23 वार्ड हैं। इनमें से 15 पर भाजपा के सदस्य निर्वाचित हुए थे, जबकि कांग्रेस के 8 सदस्य ही थे। आपसी खींचतान के चलते भाजपा दो गुटों में विभाजित हो गई और कांग्रेस ने भाजपा की फूट का फायदा उठाते हुए प्रधान पद पर कब्जा जमा लिया। गुर्जर के इस्तीफा देने के बाद अब समिति में कांग्रेस सदस्यों की संख्या 7 रह गई है।
अब आगे क्या?
अधिकारिक सूत्रों ने बताया कि इस्तीफा देने की इत्तला पंचायतीराज विभाग के अलावा राज्य निर्वाचन आयोग को भिजवाई जाएगी। नियमों के तहत प्रधान का चुनाव करवाने से पहले पंचायत समिति के वार्ड सं. 9 के सदस्य का चुनाव होगा।