विवादित मदरसा मामले में 16 जनों को किया पाबंद
नसीराबाद | उपजिलामजिस्ट्रेट जयप्रकाश नारायण ने बुधवार को हाउसिंग बोर्ड के पास सरकारी जमीन पर अवैध मदरसा इबादतगाह बनाए जाने के मामले में 16 ग्रामीणों को शांति और सौहार्द बनाए रखने के लिए एक वर्ष के लिए पाबंद कर दिया। सदर थाना प्रभारी रामचंद्र चौधरी ने मंगलवार को उपजिला मजिस्ट्रेट की अदालत में इस्तगासा पेश कर बताया कि हाउसिंग बोर्ड पहुंचने पर पन्ना पुत्र रामसिंह चीता के घर के पास सरकारी भूमि पर मदरसा इबादतगाह का निर्माण कराना पाया गया। पटवारी हल्का वीरेंद्र पारीक और गिरदावर सर्किल राजगढ़ कैलाश नट और तहसीलदार सुनील कटेवा से जानकारी लेने पर इबादतगाह मदरसा का निर्माण गुपचुप तरीके से करना बताया। पूछताछ में प्रशासनिक स्वीकृति नहीं होने की बात भी स्वीकारी है। राजोसी हाल हाउसिंग बोर्ड निवासी पन्ना पुत्र रामसिंह चीता, शंकर पुत्र पीरू चीता, भंवर पुत्र रामसिंह चीता, कोट का बाड़िया राजोसी निवासी कादर पुत्र अहमद चीता और घीसा पुत्र अहमद चीता, मस्जिद का बाड़िया निवासी इब्राहिम पुत्र कालू खां चीता, कमाल पुत्र लाला चीता, मुन्ना पुत्र गुलाब, नाड़ी का बाड़िया निवासी मक्कन पुत्र नजीर, खापरी की डांग निवासी सुलतान पुत्र चिन्ना, नोरत पुत्र सुवा, हिम्मत अली पुत्र अलानूर चीता, देवला की डांग निवासी चैना पुत्र नजीर चीता, केरी की बेरी निवासी बाबू पुत्र सम्मा चीता और धोलादांता राजोसी निवासी मिठ्ठू पुत्र छोटू चीता ने उपजिला मजिस्ट्रेट की अदालत में पेश होकर अपना पक्ष रखा लेकिन मजिस्ट्रेट ने सभी 16 नामजदों को 10-10 हजार के जमानत मुचलके भरने और 1 वर्ष के लिए पाबंद होने के आदेश जारी किए। इस मामले में पटवारी ने तहसील न्यायालय में रामसिंह के पुत्रों भंवरसिंह, पन्नालाल और पप्पू हाऊसिंग बोर्ड के सामने नांदला निवासी के विरुद्ध, पन्ना पुत्र रामसिंह के विरुद्ध और शंकर रोशन पुत्र पीरू चीता के विरुद्ध कार्रवाई की मांग की।