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नतीजे के बाद...

7 वर्ष पहले
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^विधानसभाउपचुनाव में जनता का जनादेश सिर माथे पर है। भले ही चुनाव में परिणाम कुछ भी रहे हों जनता के हित में काम करते रहेंगे। मुख्यमंत्री की तरफ से विकास में कोई कमी नहीं छोड़ी गई। संगठन में हार पर मंथन किया जाएगा। -सांवरलालजाट, सांसद

हारकी समीक्षा होगी

^विधानसभाउपचुनाव में भाजपा की हार की समीक्षा होगी। जनता का निर्णय स्वीकार है। पहले से मतदान कम हुआ है। हार का अंतर ज्यादा नहीं है। जबकि इस चुनाव में पहले से कम मतदान हुआ। इसका भी असर पड़ा है। 14वें राउंड के बाद कुछ आशंका थी इसलिए रि-काउंटिंग नियमों के तहत करवाई गई। -प्रो.बीपी सारस्वत, देहातभाजपा अध्यक्ष

जनता ने सिखाया सबक

^प्रदेशमें जनता के कोई काम नहीं हो रहे हैं, वह भाजपा शासन से उकता गई है। भाजपा ने सत्ता में आने के बाद पेंशन बंद कर दी। निशुल्क दवाओं पर कटौती करना शुरू कर दिया। इसलिए भाजपा को नहीं जितवाया था कि वह जनता को मिलने वाली सुविधाओं को ही बंद कर दे। इस उपचुनाव में जनता ने भाजपा को सबक दिया है। नाथूरामसिनोदिया, देहातकांग्रेस अध्यक्ष

36 कौमों का साथ मिला

^मुझेस्थानीय होने का लाभ मिला है। भाजपा उम्मीदवार नसीराबाद विधानसभा क्षेत्र का नहीं था। पूरी सरकार ने इस विधानसभा क्षेत्र पर जोर लगा रखा था। लेकिन मुझे 36 कौमों का साथ मिला। प्रदेशाध्यक्ष सचिन पायलट एवं पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के कार्यकाल के दौरान शुरू की गई योजनाओं का भी लाभ मिला है। रामनारायणगुर्जर, कांग्रेसप्रत्याशी

कुछकुछ गड़बड़ हुई है

^मुझेइस तरह के परिणाम की उम्मीद नहीं थी। कुछ कुछ गड़बड़ हुई है। संगठन में सभी नेताओं ने मेहनत की थी। किसी तरह की फूट की संभावना नहीं है। ईवीएम में जो आंकड़े रहे थे अौर आरओ टेबल पर जो आंकड़े पेश किए जा रहे थे, उनमें अंतर था। मैं अपनी जीत के लिए पूरी तरह आश्वस्त थी। -सरितागैना, भाजपाप्रत्याशी