वो तो रामचंद्र चौधरी थे वरना...
नसीराबाद विधानसभा उप चुनाव में अजमेर डेयरी के अध्यक्ष रामचंद्र चौधरी ने भी मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे के निर्देश से भाजपा प्रत्याशी सरिता गैना का समर्थन किया था। चौधरी ने क्षेत्र की सभी दूध डेयरियों दूधियों में जबरदस्त प्रचार-प्रसार किया था। उन्हें दूध का समर्थन मूल्य बढ़ाने समेत दूधियों के हित की बात भी समझाई गई थी। उन्होंने मेहनत करने में कोई कसर नहीं छोड़ी और क्षेत्र का दौरा करने के बाद भाजपा प्रत्याशी के करीब 15 हजार मतों की जीत का दावा किया था लेकिन भाजपा प्रत्याशी 386 मतों से हार गई। मतगणना कक्ष में इस बात की चर्चा थी कि अगर अजमेर डेयरी अध्यक्ष रामचंद्र चौधरी साथ नहीं लगते तो सरिता गैना की हार का आंकड़ा हजारों में होता।
पलाड़ाही बन पाई विधायक : जिलेमें जिला प्रमुख के पद पर रहने के बाद अब तक पूर्व जिला प्रमुख सुशील कंवर पलाड़ा ही विधायक बन पाई हैं। वे मसूदा विधानसभा क्षेत्र से चुनाव जीती हैं। जिला प्रमुख रही सरिता गैना चुनाव हार गईं जिससे वे विधायक नहीं बन सकी। इसके अलावा जिला प्रमुख पुखराज पहाड़िया, रामस्वरूप चौधरी हनुमान सिंह रावत को विधायक का टिकट ही नहीं मिल पाया। पलाड़ा को पार्टी ने ऐनवक्त पर मसूदा से चुनाव मैदान में उतारा था और जिला प्रमुख कार्यकाल में उनके द्वारा किए गए विकास कार्यों और अच्छे व्यवहार के चलते वे चुनाव जीतने में कामयाब हो पाई।
बाऊजीजीतग्या : कांग्रेसप्रत्याशी रामनारायण गुर्जर के चुनाव जीतने की खबर मिलने के साथ ही कांग्रेस समर्थकों के मुंह से निकला, \\\"बाऊजी जीतग्या\\\'। दरअसल रामनारायण गुर्जर को सभी इसी नाम से नाम जानते हैं। समर्थकों ने नसीराबाद में भी यही समाचार किए कि बाऊजी जीतग्या।