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प्रतापगढ़ में मंत्री की बहू जिला प्रमुख भींडर में भाजपा ने बनवाया कांग्रेस प्रधान

6 वर्ष पहले
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दो जिलाें में बहुमत भाजपा का, प्रमुख कांग्रेस के बने

मेवाड़-वागड़के 6 में से 5 जिलों में भाजपा के जिला प्रमुख जीत गए। सिर्फ बांसवाड़ा में कांग्रेस की रेशम मालवीया दोबारा जिला प्रमुख बन सकीं। प्रतापगढ़ में परिवारवाद को लेकर तमाम विरोध के बावजूद जनजाति मंत्री नंदलाल मीणा की बहू सारिका ही जिला प्रमुख बनीं। संभाग की 61 पंचायत समितियों में से 38 में भाजपा के और 23 में कांग्रेस के प्रधान जीते।

सबसे बड़ा उलटफेर उदयपुर जिले की भींडर पंचायत समिति में हुआ जहां, भाजपा के दो मेंबर के समर्थन से कांग्रेस का प्रधान बन गया। सर्वाधिक 12 मेंबर वाली जनता सेना प्रधान की रेस से बाहर हो गई। उदयपुर में शांतिलाल मेघवाल, राजसमंद में प्रवेश कुमार सालवी, चित्तौड़गढ़ में लीलादेवी जाट, डूंगरपुर में माधवलाल जिला प्रमुख चुने गए। इधर, परिवारवाद को लेकर बहू का नामांकन उठाने पर मजबूर हुए नाथद्वारा विधायक कल्याणसिंह ने कहा कि मैंने पा‌र्टी के आदेश और रीति-नीति को माना बाकी लोगों का का फैसला हाईकमान ही जाने। उदयपुर में जिला प्रमुख की दावेदार मानी जा रही उषा तंवर के परिजनों ने ऐन मौके पर शांतिलाल मेघवाल को जिला प्रमुख बनाने पर सुबह विरोध किया।





लेकिन पार्टी नेताओं की समझाइश पर मान गए।

विरोध : उदयपुरमें शांतिलाल मेघवाल को जिला प्रमुख बनाने को लेकर दूसरी दावेदार उषा तंवर के परिजन भड़क गए। सुबह कई आरोप लगाते हुए विरोध किया लेकिन दोपहर तक मान भी गए।



कलेक्ट्री परिसर में आए परिजनों ने कहा कि कांग्रेस देहात जिलाध्यक्ष को हराने के बावजूद उषा को मौका क्यों नहीं। हालांकि पार्टी नेताओं की समझाइश के बाद दोपहर बाद परिजनों का आक्रोश शांत हो गया।

गठबंधन : धुरविरोधी भाजपा-कांग्रेस भींडर में एक हो गई। 11 मेंबर वाली कांग्रेस ने भाजपा के 2 मेंबर को साथ लेकर अपना प्रधान बना लिया। दोनों पार्टियां कानोड़ नगरपालिका में भी गठजोड़ कर बोर्ड बना चुकी थी।

यह फैसला भाजपा के बागी विधायक रणधीरसिंह की जनता सेना (12 मेंबर) को रोकने के लिए किया गया।

परिवारवाद : गृहमंत्रीकी आपत्ति के बावजूद जनजाति मंत्री नंदलाल मीणा की बहू जिला प्रमुख बनीं। लसाड़िया में विधायक गौतमलाल मीणा के पुत्र कन्हैयालाल दोबारा प्रधान बने।



बहू का नामांकन उठाने पर मजबूर हुए चौहान बोले मैंने तो पार्टी की बात मान ली थी।

18 महिलाएं जीती

महिलाओंके लिए 16 सीटें रिजर्व थीं। लेकिन 18 महिलाएं जिला प्रमुख बनीं।

5 जिला प्रमुख निर्विरोध

अजमेर,झालावाड़, पाली, राजसमंद में भाजपा और जैसलमेर में कांग्रेस निर्विरोध।

भाजपा पांच साल में 13 कदम आगे

पिछलेपंचायत चुनाव में भाजपा के आठ जिला प्रमुख चुने गए थे, लेकिन इस बार 21 चुने गए। उधर, कांग्रेस के 12 जिला प्रमुख चुने गए। कांग्रेस को 12 सीटों का नुकसान उठाना पड़ा। पिछली बार बूंदी से निर्दलीय जिला प्रमुख चुने गए थे। यह सीट अबकी कांग्रेस के खाते में गई। कांग्रेस ने भाजपा से सवाई माधोपुर, कोटा नागौर जिला प्रमुख की सीट छीन ली है। यहां भाजपा के जिला प्रमुख थे।

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प्रदेश में भाजपा के 21, कांग्रेस के 12 प्रमुख

पॉलिटिकल रिपोर्टर | जयपुर

जिला प्रमुख और प्रधान के चुनाव शनिवार को संपन्न हुए। भाजपा के 21 और कांग्रेस के 12 जिला प्रमुख बने। नागौर अलवर में बहुमत के बावजूद भाजपा को हार का सामना करना पड़ा। यहां पर भाजपा सदस्यों ने पार्टी प्रत्याशी के खिलाफ मतदान किया। झुंझुनूं में बराबर-बराबर सीटें हासिल करने के बावजूद कांग्रेस ने निर्दलीय की मदद से प्रमुख की सीट अपने कब्जे में कर ली। प्रदेश में 295 पंचायत समितियों में से रात 9 बजे तक 271 के परिणाम घोषित किए गए। इनमें भाजपा 149 और कांग्रेस 107 प्रधान बनाने में कामयाब हुई।

बसपा का भी एक प्रधान धौलपुर के सैंपऊ में चुना गया। निर्दलीय अन्य के 14 प्रधान बने। प्रदेश में 152 महिला और 119 पुरुष प्रधान चुने गए हैं। झुंझुनूं में निर्दलीय ने कांग्रेस का प्रमुख बनवा दिया। नवलगढ़ की पूर्व विधायक प्रधान नहीं बन सकीं।



नागौर में जिला परिषद की 47 सीटों में भाजपा को 25 और कांग्रेस को 22 सीटें मिली थी। लेकिन कांग्रेस ने यहां भाजपा के वोटों में सेंध लगाई और अपना प्रमुख बनाने में कामयाब रही। भाजपा के तीन सदस्यों की क्रॉस वोटिंग से कांग्रेस की सुनीता को 26 वोट मिले।











इसी तरह अलवर में कांग्रेस की रेखा यादव जिला प्रमुख चुनी गई। यहां 49 में से भाजपा को 30, कांग्रेस को 18 एक निर्दलीय सदस्य चुना गया था। भाजपा की जीत तय थी, लेकिन भाजपा सदस्यों की क्रॉस वोटिंग के चलते रेखा 25 वोट लेकर प्रमुख बन गई।

कांग्रेस के रेशम मालवीया 21 वोट लेकर दोबारा जिला प्रमुख बनीं। पूर्व मंत्री महेंद्र सिंह मालवीया की प|ी लोकसभा चुनाव हार गई थी। भाजपा को 10 वोट ही मिले। जिले में कांग्रेस के 8 भाजपा के 3 प्रधान बने।

कपासन क्षेत्र से चुनकर आईं भाजपा की लीलादेवी जाट जिला प्रमुख बनीं। जिले में लगातार दूसरी बार महिला जिला प्रमुख बनी हैं। जिले की 11 पंचायत समितियों में से 9 में भाजपा और 2 में कांग्रेस के प्रधान चुने गए।

सभी 25 वार्डों पर भाजपा होने से प्रवेश कुमार सालवी निर्विरोध जिला प्रमुख बने। सातों पंचायत समितियों में भाजपा के प्रधान बने। देवगढ़, खमनोर कुंभलगढ़ को छोड़कर सभी जगह प्रधान निर्विरोध

भाजपा के माधवलाल 14 मेंबर के वोट लेकर जिला प्रमुख बने। कांग्रेस के दावेदार को 13 वोट ही मिले। यह पहला मौका जब भाजपा का जिला प्रमुख बना है। जिले में कांग्रेस के 6 भाजपा के 4 प्रधान बने।

जनजाति मंत्री नंदलाल मीणा की बहू सारिका 9 वोट से जीतकर जिला प्रमुख बनीं। सारिका के पति मेंबर हैं। पीपलखूंट को छोड़कर जिले की 4 पंचायत समितियों में भाजपा के प्रधान बने।

भाजपा के शांतिलाल मेघवाल 10 वोट से जीते। 17 पंचायत समितियों में से 11 में भाजपा 6 में कांग्रेस के प्रधान बने। भींडर में 11 मेंबर वाली कांग्रेस ने भाजपा के 2 मेंबर का साथ लेकर प्रधान बनाया।