लाल मीना के आभरण में सजे नंदनंदन
नाथद्वारा। श्रीजीप्रभु की हवेली में शनिवार को विशेष उत्सव अनुष्ठान हुआ। तिलकायत पुत्री प्रियवंदा के विवाह के उपलक्ष्य में माती महल चौक में शाम को चंवरी मनोरथ हुआ। मनोरथ में लालनजी पधारे। सायं शयन झांकी में श्रीजी प्रभु को चांदी बंगले में बिराजे। प्रभु को राग भोग सेवा के लाउ लडाए गए। शनिवार को श्रीजी प्रभु के श्रीचरण में नुपुर, मौजाजी धराए गए। श्री अंग फिरोजी सुथन, चाकदार वागा ,चोली अंगीकार कराई गई। श्री मस्तक पर ग्वाल पगा के संग मोर शिखा कतरा धराया गया। प्रभु को लाल मीना के आभरण धराए गए। प्रभु को लाल ठाढे वस्त्र अंगीकार कराकर कंदराखंड में धवल पिछवाई धराई गई। राजभोग झांकी के दौरान गोस्वामी बालकों ने गुलाल से चिडिय़ा अंकित की। प्रभु को ऋतु मनोरथ अनुसार शृंगारित कर लडाए गए।
शाम का मोती महल में चंवरी मनोरथ हुआ। श्री लालन प्रभु को ठाठ बाट से मोती महल चौक में लाया गया। पंडितों ने स्वस्ति पाठ का वाचन किया। बैंड की धुन पर लालन प्रभु को बिराजित किया गया। मनोरथ में गणपति स्थापना, निश्चय ताम्बुल, कुल देवता स्थापना, वृद्धि की सभा, बडी पठौनी, कुल देवता विसर्जन तथा गंगा पूजी की रस्म परंपरानुसार निभाई गई।
रविवार को श्रीजी प्रभु में छप्पन भोग होगा।