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\"सृजनात्मक कार्य संगठित होकर करने पर ही सफलता\'

7 वर्ष पहले
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गायत्रीशक्तिपीठ किशोरनगर में गायत्री परिवार का जिला सम्मेलन का समापन रविवार को संकल्पों के साथ हुआ।

उपजोन प्रभारी बद्रीलाल शर्मा ने बताया कि सृजनात्मक कार्य सदैव संगठित होकर करने पर ही सफल होते हैं। इसलिए पर्यावरण संरक्षण, व्यसन उन्मूलन अभियान, साधनात्मक पुरुषार्थ, रूढि़ कुरीति निवारण जैसे सप्त सूत्री युग निर्माण आंदोलन को क्रियान्वित करने के लिए प्रत्येक गांव, मोहल्ले में प्रज्ञामंडल, महिला मंडल, युवा मंडल, संस्कृति मंडल गठित करनी है। केन्द्रीय प्रतिनिधि रामचन्द्र पालीवाल ने बताया कि जिला स्तर पर 225 प्रज्ञ मंडल गठित हो चुके हैं। प्रत्येक परिजन अपने क्षेत्र के युवाओं को प्रेरित करके रचनात्मक कार्य करेंगे तो समाज का अभिनव निर्माण सहज संभव हो होगा। इसके लिए प्रत्येक तहसील स्तर पर, पंचायत स्तर पर परिजनों का गठन करना है। जो मंडल गठित किया जाना है साप्ताहिक, पाक्षिक या मासिक योजना को गोष्ठी में निर्धारित कर कार्य करके समीक्षा करते रहेंगे।

जिला संयोजक बंशीलाल पंड्या ने पं. श्रीराम शर्मा आचार्य का संदेश दिया। शक्तिपीठ के व्यवस्थापक भंवरलाल पालीवाल ने नव चेतना केन्द्र , प्रज्ञा मण्डल, महिला मण्डल की गतिविधियों एवं अर्थानुशासन के बारे में जानकारी दी। हसील समिति के संयोजकों के दायित्वों पर प्रकाश डाला। महिला मंडल प्रभारी आशा द्विवेदी ने महिलाओं के परिवार निर्माण के कार्यों को प्रस्तुत किया। तहसील स्तर पर संयोजकों में राजसमंद के श्यामसुन्दर नंदवाना, नाथद्वारा के घनश्याम शर्मा, आमेट के जसवंत सिंह राव, देवगढ़ के खुबीसिंह पंवार, भीम के दाऊसिंह चौहान एवं कुंभलगढ़ के अम्बाशंकर उपाध्याय, चारभुजा के रामचन्द्र सेवक ने रचनात्मक कार्यों एवं संगठन की रूपरेखा के संकल्प पत्र भरे।