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मार्बल व्यवसायी बोले, पुलिस गश्त को पुख्ता बनाए, संसाधन नहीं हों तो हम देने को तैयार
चोरी से िनपटने की पुलिस की तैयारी
नेशनलहाइवे 8 से सटे केलवा क्षेत्र में मार्बल गोदामों पर लगातार चोरियाें ने पुलिस की गश्त व्यवस्था की पोल खोल दी है। 22 दिन में कई मार्बल गोदामों पर चोरियां हुई है। इससे मार्बल व्यवसायियों में पुलिस की कार्यप्रणाली के प्रति नाराजगी है। चोरियों को लेकर भास्कर ने मार्बल व्यवसायियों से बात की। व्यापारियों ने पुलिस की गश्त व्यवस्था फेल होने, आए दिन चोरियां होने से पुलिस पर मिलीभगत तक के आरोप लगाए हैं। व्यापारियों का कहना है कि पुलिस को अपनी गश्त व्यवस्था मजबूत करनी होगी। इसके लिए अगर पुलिस को संसाधन की जरूरत है तो मार्बल व्यापारी देने को तैयार हैं।
चोरी के कारण: हाइवे किनारे हैं गोदाम
अबतक की चोरियों में अधिकांश हाइवे किनारे ही हुई है। बदमाश हाइवे किनारे के मार्बल गोदामों में आसानी से घुस जाते हैं। हाइवे के कारण यहां पुलिस की गश्त नहीं रहती है। चोरी के बाद ये हाइवे से होकर ही भाग जाते हैं। मजदूर आते-जाते रहते हैं, इस कारण पुलिस चोरों की पहचान नहीं कर पाती है।
किया मौका मुआयना
शनिवार दोपहर एएसपी सुधीर जोशी, कुंवारिया थानाधिकारी भंवरसिंह मारवाड़ और केलवा थाना अधिकारी डीपी दाधीच, एएसआई भगवतीलाल पालीवाल मोखमपुरा स्थित गुप्तेश्वर व्हील ब्रेजिंग गोदाम पर पहुंचे। एएसपी ने घटनास्थल का जायजा लिया। जिन तीनाें मजदूरों के सामने चोरी हुई, उनसे पूछताछ की। एएसपी का कहना है कि कुछ संदिग्ध लोगों को चिन्हित किया है। गैंग को पकडऩे के लिए विशेष टीम गठित की है। टीम में कांकरोली, राजनगर, केलवा आमेट के थानाधिकारी सहित अन्य थानों का स्टाफ शामिल किया है।
}गैंग कहां की पुलिस पता नहीं लगा पाई: केलवाक्षेत्र में चोरियां करने वाली गैंग कहां की है, पुलिस अब तक इसका पता नहीं लगा पाई है। पुलिस केवल नजर रखने की बात कर रही है, उधर चोरियां बढ़ रही है। थानाधिकारी डीपी दाधीच ने बताया कि चोरियां करने वाली एक गैंग है। यह स्थानीय या बाहर की हो सकती है।
}सिग्मेंट के कारोबार से जुड़ी हो सकती है गैंग: पुलिसका कहना है कि गैंग सिग्मेंट के कारोबार की जानकारी रखती है। यह अंदेशा है कि वारदात करने के बाद ये मार्बल बाहुल्य क्षेत्र डूंगरपुर, बांसवाड़ा, मकराना, किशनगढ़, चित्तौड़, केसरियाजी, अंबाजी में सिग्मेंट बेचती होगी। ये सिग्मेंट की खरीद-फरोख्त करने वाले दलालों से सं