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लालन प्रभु की रसोई में तेज आवाज के साथ नाली के पत्थर उड़े, जनहानि नहीं

6 वर्ष पहले
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नाथद्वारा | श्रीजीहवेली की लालन प्रभु की रसोई में रविवार दोपहर करीब 3:45 बजे तेज आवाज के साथ नाली के पत्थर उड़ गए। इससे लोग सहम गए। मंदिर मंडल अधिकारियों के अनुसार, रसोई की नालियों में कचरे से गैस भर गई थी और नाली के जाम होने से धमाका हुआ। इससे पत्थर उड़ गए। गनीमत रही कि जनहानि नहीं हुई।

धमाके ने गत मई माह में बालभोग में हुए विस्फोट की याद दिला दी। धमाका इतना तेज था कि मंदिर पीछे परिक्रमा में बने मकान में कंपन महसूस किया गया। मंदिर मंडल के सीईओ ने बताया कि हादसे के दौरान रसोई में सेवक उपस्थित नहीं थे। इसमें कोई जनहानि नहीं हुई। धमाके से आसपास के आबादी वाले सहम गए।

धमाका होते ही मंदिर के कई सेवकों वैष्णवों तथा आसपास के बाजार में रसाेई गैस की पाइप लाइन में धमाका होने की अफवाह फैल गई। हालांकि, बाद में पता चला कि रसोई में गंदे पानी की निकासी के लिए नालियां बना कर उन्हें ढंका गया है। रसोई 400 स्क्वायर फीट जगह पर मंदिर परिसर में ही बनी हुई है। रसोई में प्रभु के लिए प्रसाद तैयार होता है। रसोई में बनी नालियों को पत्थर से ढंक कर रखा गया था। नालियों के अंदर-अंदर कचरा जमा होते रहने से पानी रिसता रहा, लेकिन गंदगी से नाली में गैस बनती रही। रसोई की नाली मंदिर के पीछे के मुख्य नाले से मिलती है। नाली जाम होने से गैस का दबाव बढ़ गया और धमाका हुआ।

नाथद्वारा . मंदिरमंडल सीईओ को बताता नगरवासी।

महीनों से बन रही थी गैस, दीवार में दरारें आईं : नालियोंको ढंकने के लिए एक एक दो दो फीट के पत्थर रखे हुए थे। इन पत्थरों को रेती सीमेंट से जोड़ा गया था। अंदर बनी गैस कई महीनों से बन रही थी। दबाव से करीब 5 पत्थर उड़ गए, वहीं दीवार में हल्की दरारें गईं। एक मकान मालिक रमेश सनाढ्य ने मंदिर मंडल के सीईओ जगदीश पुरोहित से मिल कर घरों में कंपन होने बर्तनों के हिलने की बात कही।

हादसेकी जगह के पास ही गैस पाइप लाइन है, बड़ा हादसा टला : नालीमें हुए धमाके में गैस पाइप लाइन का सुरक्षित रह जाना प्रभु कृपा रही। रसोई में गैस का इस्तेमाल होता है, इसके लिए वहां पाइप द्वारा गैस पहुंचाई जाती है। धमाका होते ही सुरक्षा एलार्म बज उठा। इससे तुरंत गणगौर घाट स्थित मुख्य गैस प्लांट से वाल्व बंद करवा दिया गया। धमाके के दौरान रसोई में सेवकगण उपस्थित नहीं थे। सूचना पर पहुंचे सीईओ जगदीश पुरोहित ने मामले की जानकारी ली।

नालीमें बनी यह गैस : नालीमें गंदगी से विषैली तथा अत्यंत ज्वनशील बायो गैस बनती है। इसमें मिथेन, न्युट्रेन सहित अन्य गैस होती है। नाली में बनी मिथेन नाम की बायो गैस से धमाका हुआ।

पूर्वमें बालभाेग में हुआ था हादसा : गत25 मई की रात को श्रीजी प्रभु के बालभोग में आगजनी हुई थी। बालभोग में हुए हादसे के बाद श्रीजी प्रभु के बालभोग लालन प्रभु की रसोई में सुरक्षा को देखते हुए कई बदलाव किए गए थे।

^गंदा पानी जाने के लिए बनी नाली जाम होने से गैस बन गई। उस गैस से पत्थर उखड़ गए। प्रभु कृपा से हादसा नहीं हुआ। इसमें किसी एक की जिम्मेदारी कैसे बता सकते हैं। रसोई गैस वाला मामला नहीं है। विशालबावा, श्रीजी मंदिर तिलकायत पुत्र

^लालन प्रभु की रसोई में बनी नालियों में गैस भर गई थी। उसने पत्थर उड़ा दिए। रसोई गैस धमाका नहीं है। यह क्यूं और कैसे हुआ, इसकी जांच करवाएंगे। जगदीशपुरोहित, सीईओ, मंदिर मंडल, नाथद्वारा