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दो स्कूलों पर तालाबंदी, प्रदर्शन किया

7 वर्ष पहले
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स्कूलोंमें अध्यापकों की कमी को लेकर ग्रामीणों विद्यार्थियों का रोष थम नहीं रहा है। सोमवार को भी दो स्कूलों पर तालाबंदी कर विद्यार्थी ग्रामीण सरकार के खिलाफ सड़क पर उतर आए। खमनोर क्षेत्र के केसूली राउमावि पर दो घंटे तक तालाबंदी कर प्रदर्शन किया गया।

बीईईओ मौके पर पहुंचे शनिवार तक दो अध्यापक लिपिक बढ़ाने के आश्वासन पर ताला खोला गया। आमेट के राउमावि के विद्यार्थियों ने तालाबंदी कर नगर में रैली निकाली और नारेबाजी करते हुए उपखंड अधिकारी को ज्ञापन देने पहुंचे। यहां के विद्यार्थियों ने तीन दिन में अध्यापकों की नियुक्ति, स्कूल का संचालन में दो पारी में नहीं करने पर फिर आंदोलन की चेतावनी दी है। विरोध-प्रदर्शन के कारण दोनों स्कूलों में पढ़ाई नहीं हो पाई।

व्याख्याता नहीं होने से सीनियर छात्र-छात्राएं परेशानी में

स्कूलमें व्याख्याताओं सहित कई अध्यापकों की कमी है। कला वर्ग के विषयों में एक भी व्याख्याता की नियुक्ति नहीं हुई है। हिंदी साहित्य, हिंदी अनिवार्य, इतिहास, राजनीति विज्ञान अंग्रेजी के व्याख्याता नहीं हैं। द्वितीय श्रेणी अध्यापकों में गणित का पद रिक्त है। एक भी बाबू नहीं होने से अध्यापकों को लिपिक के कार्य में लगना पड़ता है, इससे कक्षाओं में अध्ययन प्रभावित हो रहा है।

एकीकरणसे मर्ज हुअा एक और स्कूल, बैठने की समस्या रही

राउमाविकेसूली में एकीकरण के तहत हाल ही में गांव का प्राथमिक स्कूल मर्ज किया गया है। इससे विद्यार्थियों की संख्या बढ़कर 240 हो गई है। ग्रामीणों ने बताया कि स्कूल में कक्षा-कक्षों की कमी हो गई है। दसवीं ग्यारहवीं कक्षा के छात्र-छात्राओं को एक ही कमरे में बैठकर पढ़ाई करनी पड़ रही है।

बारहवींतक कक्षाएं, विद्यार्थियों के लिए टेबल-स्टूल नहीं

गांवमें पहली से बारहवीं कक्षा तक एक ही स्कूल में कक्षाएं संचालित हो रही हैं, लेकिन एक भी छात्र-छात्रा के लिए टेबल-स्टूल नहीं है। फर्नीचर नहीं होने से ग्यारहवीं-बारहवीं कक्षाओं के विद्यार्थियों को भी फर्श पर दरी बिछाकर बैठना पड़ रहा है।

चारसाल में दो बार क्रमोन्नत, फिर भी सुविधाएं नहीं बढ़ी

केसूलीआसपास के गांवों से आने वाले विद्यार्थियों की पढ़ाई के लिए केसूली स्कूल को चार साल में दो बार क्रमोन्नत तो कर दिया। लेकिन उसके साथ जरूरी सुविधाएं नहीं बढ़ाई गई। सत्र 2008-09 में राउप्रावि से दसवीं में क्रमोन्नत क