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सर्वपितृ अमावस्या पर आज बनाएंगे अंतिम सांझी
नाथद्वारा | श्रीनाथजीमंदिर के कमल चौक में श्राद्ध पक्ष में अब तक 84 कोस के भाव से विभिन्न सांझियां उकेरी गई है। मंगलवार को अमावस्या पर अंतिम दिन सांझी उत्सव का समापन कोट निर्माण के साथ होगा। अमावस्या की कोट की सांझी में श्रीनाथजी का मंदिर, इसकी इमारतें, गाय, बैल, हाथी, घोड़े, मोर, बंदर, गोप-गोपियां, केले के पत्तों तथा रंगीन चमकदार कागज की कटिंग से सांझी बनाई जाएगी। पूर्णिमा 9 सितम्बर से अब तक विभिन्न प्रकार की सांझियां उकेरी गई है। इनमें पूर्णिमा को विश्राम घाट की सांझी, एकम को मधुवन, तालवन, दूज को बहुलावन, गायसिंह मिलन, शांतनु कुंड की सांझी उकेरी गई। एक पखवाड़े से हवेली नगर के कई घरों में सांझी बनाई जा रही है। अमावस के दिन अंतिम सांझी बनाई जाती है, इसमें कोट उकेरा जाता है। श्रीजी प्रभु की हवेली में स्थित कमल चौक में फूलघरिया सेवावाले विभिन्न प्रकार की सामग्री से कलात्मक कोट बनाएंगे। सर्वपितृ अमावस होने से इस दिन नगर में दान-पुण्य के कार्यक्रम होंगे।
अमावस्यापर श्रीजी को धराए जाएंगे स्वर्णाभूषण: अमावस्याको सर्वपितृ पक्ष श्राद्ध का अंतिम दिन होगा। श्रीजी प्रभु को स्वर्णाभूषण का शृंगार धराया जाएगा। प्रभु को मेघश्याम सूथन कांचनी, पितांबर, स्वर्ण मुकुट, स्वर्ण कुंडल, धवल ठाढ़े वस्त्र, पिछवाई समकोटी प्रभा अर्थात अनेक सूर्यों के स्वामी अखिल ब्रह्मांड नायक के भाव से धराई जाएगी।