रुपहरि घटा के दर्शन में उमड़े वैष्णव
नाथद्वारा| पौषकृष्ण चतुर्थी पर बुधवार को श्रीजी प्रभु की हवेली में रूपहरि घटा की आलौकिक झांकी के दर्शन हुए। इसमें काफी भक्त उमड़ पड़े। मुखिया बावा ने श्रीजी प्रभु को श्रीचरण में रूपहरि मोजाजी धराए। श्रीअंग पर रूपहरि जरी की सुथन घेरदार वागा चोली अंगीकार कराया गया। श्रीमस्तक पर रूपहरि छज्जावाली पाग के संग दोहिरा रेशम का कतरा चांदी के शीशफूल सुशोभित किया गया।
श्रीकर्ण में कर्णफूल धराए गए। श्रीअंग पर हीरा मोती के आभरण अंगीकार कराए गए। घटा भाव से गादी, तकिया, खण्ड-पाट सभी रूपहरि रंग में ही धराए गए। कन्दरा खण्ड में रूपहरि जरी की पिछवई सुशोभित की गई। राजभोग झांकी में मुखिया बावा ने श्रीजी प्रभु की आरती उतारी वहीं कीर्तनकारों ने विविध राग में पदों का गान किया। श्रीलालन प्रभु तथा गुर्जरपुरा वाले श्रीलालाजी प्रभु को भी रूपहरि रंगत का अनूठा शृंगार अंगीकार कराकर लाड लडाए गए।