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नाथद्वारा में 120 फीट सड़क की हद में रहे दो भवनों को सील किया

6 वर्ष पहले
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नाथद्वारा। होटल को सीज करते अधिकारी।

मुआवजा कोर्ट में जमा किया

कोर्टके निर्देश पर सरकार की ओर से नागर भवन को करीब 85 लाख तथा शगुन होटल को 1 करोड़ से अधिक का मुआवजा सरकार ने कोर्ट में जमा करवा दिया था। लेकिन दोनों पक्षों की ओर से मुआवजा नहीं लिया गया।

6साल से था इंतजार: सड़कनिर्माण की शुरुआत 6 साल पूर्व 2009 में हुई थी। मंदिर मंडल के सहयोग पीडब्ल्यूडी द्वारा बनाई जा रही रोड पर 5 करोड़ 50 लाख रुपए खर्च होने हैं। सड़क निर्माण शुरू होने के बाद कार्य में कई रुकावटें आई है। इससे पहले वन विभाग ने आपत्ति दर्ज करवाई थी कि सड़क के मध्य वन विभाग की तीन अलग-अलग जगह पर कुल 13 बीघा 6 बिस्वा जमीन रही है। गत अगस्त में सरकार आपके द्वार के दौरान हुई बैठक में मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने सड़क निर्माण की स्वीकृति जारी करवाकर वन विभाग की आपत्ति दूर करवाई थी।

इनका कहना है

^2700स्क्वायर फीट जगह लेनी है फिर 7 हजार फीट पर बने भवन को सील क्यों किया गया है। नियमानुसार पहले नोटिस देकर समय देना था फिर सील करना था। मौका पर्चा बनाया नहीं और सील पहले कर दिया गया। अशोकपारीख, ट्रस्ट उपाध्यक्ष, नागर भवन

^दोनोंपक्षकारों का मुआवजा 2012 से अदालत में जमा है। कोर्ट में कार्यवाही पूरी करनेे के बाद ही सील कर कब्जा लेने की कार्यवाही की गई है। हरिशंकरजोशी, तहसीलदार नाथद्वारा।

नाथद्वारा। अधिकारियों तहसीलदार से उलझते प्रभावित। भास्कर

भास्कर न्यूज|नाथद्वारा

शहरमें प्रस्तावित 120 फीट रोड निर्माण के बीच रहे भवन होटल को प्रशासन ने सील कर दिया। कार्रवाई के दौरान पीडि़त पक्ष ने मामला कोर्ट में होने की बात कहते हुए विरोध जताया। लेकिन कार्रवाई जारी रही।

सुबह तहसीलदार हरिशंकर जोशी सुंदरविलास क्षेत्र में पहुंचे। साथ में पीडब्ल्यूडी के एक्सईएन नानालाल वर्मा, एलएओ दीपक मेहता, थानाधिकारी मंजीत सिंह सहित पटवारी, राजस्व अधिकारी पुलिसकर्मी उपस्थित थे। लीगल एडवाइजर अधिकारी दीपक मेहता ने पीडि़त पक्ष को नियमों का हवाला देते हुए दोनों इमारतों को सील करवा दी। पुलिस तथा प्रशासनिक अधिकारियों की उपस्थिति में दोपहर 12 बजे हुई। इस दौरान कई लोग जमा हो गए।

प्रशासन की कार्रवाई के बाद 120 फीट रोड निर्माण में रही अड़चन दूर हुई है। अब शीघ्र ही सड़क निर्माण शुरू होने की उम्मीद जताई जा रही है। उल्लेखनीय है कि शहर में वाहनों के प्रवेश के लिए हाईवे पर स्थित राजकीय कॉलेज के सामने से गणेश टेकरी होते हुए सुंदर विलास तक 122 फीट चौड़ी 2 किलोमीटर लंबी सड़क बनाने की योजना 2009 में शुरू की गई थी। पिछली सरकार ने योजना का तखमीना बनाकर कार्य शुरू कर दिया था। पीडब्ल्यूडी ने सड़क निर्माण के बीच में आने वाले खातेदारों की जमीन अधिग्रहित कर मुआवजा देने की शुरुआत भी कर दी थी। इस बीच सड़क निर्माण के बीच रहे नागर भवन शगुन होटल के मालिकों ने सरकारी मुआवजा कम बताकर 2009 में अदालत की शरण ली थी। निचली अदालत से होता हुआ मामला हाईकोर्ट पहुंच गया था।