पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें
  • Hindi News
  • श्रीजी का पाटोत्सव मनाया रसिया गान की शुरुआत

श्रीजी का पाटोत्सव मनाया रसिया गान की शुरुआत

6 वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक
नाथद्वारा|पुष्टिमार्गीय मतकी प्रधान पीठ श्रीनाथजी के 343 वें पाटोत्सव पर बुधवार को श्रीनाथजी मंदिर में विविध अनुष्ठान हुए। इसके साथ ही फाल्गुन को लेकर रसिया गान की शुरुआत भी हो गई। सेवकों ने ढप की थाप के साथ श्रीजी के समक्ष रसिया गान किया। दर्शनों में वैष्णवों की कतार रही। रसिया गान डोलोत्सव तक चलेगा। इसमें हर दिन वैष्णवों पर गुलाल उड़ाकर फाग खेलाया जाएगा।

मंगला झांकी के बाद श्रीनाथजी के श्रीविग्रह को अभ्यंग स्नान कराकर अनूठे शृंगार धराए गए। शाम के शयन दर्शन के बाद ठाकुरजी को दूध का भोग धराकर इसे सेवा वालों तथा वैष्णवों में बांटा गया। राजभोग झांकी के दौरान ग्वाल बाल सेवकों द्वारा रसिया गान गाया। ग्वालों ने श्यामा श्याम सलोनी सूरत को शृंगार बसंती है..., ढप बाजे रे छैल छबीले मतवाले को, ढप बाजे रे... रसिया गान गाया। मंगला झांकी के पश्चात अभ्यंग स्नान कराया।

कर उबटन लगाया गया तथा ठाकुरजी को विविध शृंगार अंगीकार कराए गए।

बच्चे श्रीजी के सम्मुख स्वांग रचकर करेंगे नृत्य

पाटोत्सवसे श्रीजी प्रभु की हवेली में स्वांग नृत्य की धूम भी शुरू हो गई। नगर के बच्चे प्रतिदिन स्वांग धारण कर सायंकालीन शयन के दर्शन में श्रीजी प्रभु के सम्मुख नृत्य करेंगे। राजभोग झांकी के दौरान कीर्तनकार वाद्य यंत्र उपंग द्वारा श्रीजी प्रभु को रिझाएंगे। ढप की गरज में सब घर हाले, हाले छैल छबीलो... का गान कर श्रीजी प्रभु को रिझाया। श्रद्धालुओं पर गुलाल डाला गया।

बही कीर्तनों की रसधार

पाटोत्सवपर सुबह मंगला झांकी से सायंकालीन शयन के दर्शन तक झांझ की झंकार पर कीर्तन की रसधार बही। कीर्तनकारों ने राग आसावरी, बसंत, देवगंधार, खट समेत विविध रागों में कीर्तन पदों का गानकर श्रीजी प्रभु को रिझाया। पाटोत्सव से श्रीजी प्रभु की हवेली में रसिया की धूम भी शुरू हो गई।

जो डोलोत्सव तक रहेगी।

गोल पाग में सजे श्रीजी

पाटोत्सवपर श्रीजी प्रभु को शृंगार में श्रीचरण में मोजाजी लाल मीणा के नुपूर धराए गए। श्रीअंग पर केसर प्रतिबिम्बित सूथन, घेरदार चोवा चोली धराई गई। श्रीमस्तक पर गोल पाग, नागफनी का कतरा धराया गया। कर्णफूल, शीशफूल, छोटा श्रृंगार एवं धवल ठाढे वस्त्र का श्रृंगार धराया गया। राजभोग झांकी में श्रीविग्रह के पीछे सफेद पिछवाई पधराई गई। इस पर चंदन के पानी का छिड़काव कर गुलाल से चिडिय़ा का अंकन किया गया। इस अवसर पर श्रीनाथजी के मुखिया इन्द्रवर्धन गिरनारा ने ठाकुरजी को गुलाल, चोवा चंदन ओर अबीर के लाड़ लडाए। श्रीनाथ मंदिर में पाटोत्सव में बैठे ठाढे रसिया का गान भी प्रारंभ हो गया। शयन के दर्शन के बाद श्रीनाथजी मंदिर के खर्च भंडार में दूध का भोग अरोगाया गया तथा सेवावालों वैष्णवों में प्रसाद स्वरूप बांटा गया।

राजसमंद. द्वारिकाधीश मंदिर में फागोत्सव के तहत बुधवार रात को राल के दर्शन हुए। दर्शन करने के लिए श्रद्धालु उमड़ पड़े।

नाथद्वारा। दर्शन कर लौटते श्रद्धालु।