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राजसमंद की रीत, शासन से प्रशासन तक बेटियों से ही प्रीत

5 वर्ष पहले
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यहां जानिये महिलाएं कैसे बढ़ा रही मान

शासनऔर प्रशासन से लेकर राजसमंद की संस्कृति में बेटियों से प्रीत गहरी होती जा रही है। अभी विधायक और मंत्री किरण माहेश्वरी हैं तो कलेक्टर के ताैर पर अर्चनासिंह ने कमान संभाल ली है। खास बात ये रही है कि यहां विपक्ष की राजनीति में भी महिलाएं आगे हैं तो अफसरों और मंत्रियों को सूचना अधिकार के आंदोलन से खौफ दिलाने वाली अरुणा रॉय की धरती भी राजसमंद ही है।

राजसमंद जिला महिलाओं के लिए शुरू से ही भाग्यशाली रहा। जिले के इतिहास पर नजर डालें तो अब तक राजनैतिक प्रशासनिक क्षेत्र में आई महिला पहली बार यही से अपने कैरियर की शुरूआत की। देश में परचम लहराया और जिले का नाम रोशन किया। नाथद्वारा में पली-बढ़ी डॉ. गिरिजा व्यास तीन बार सांसद रही। केंद्रीय शहरी एवं नगरीय विकास मंत्रालय तक पहुंच कर जिले का गौरव बढ़ाया। वर्तमान में किरण माहेश्वरी जलदाय मंत्री हैं। अपराध क्षेत्र में कमी लाते हुए प्रदेश में जिले को अव्वल पहुंचाने वाली श्वेता धनखड़ भी पहली बार यहीं एसपी लगी थीं। जिले की पहली महिला कलेक्टर किरण सोनी गुप्ता थीं। जिले की स्थापना के 24 साल के इतिहास में कई महिला जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों ने अपने जीवन की शुरुआत कर अपना लक्ष्य हासिल किया।

गुप्ता रही चित्रकार

राजसमंदकी पहली महिला कलेक्टर किरण सोनी गुप्ता कुशल चित्रकार थी। उनकी बनाई पेंटिग्स की देश ही नहीं विदेशी आर्ट गैलेरियों में बिकती थी।

वे समय निकाल अपनी भावनाओं को कागज पर उतारकर रंगों को बेहद सुंदर समावेश करती थी।

तीन महिला एसडीएम के साथ कई बीडीओ भी

राजसमंदउपखंड मुख्यालय पर अपने विकास की कार्यशैली और मजबूत इच्छा शक्ति रखकर विकास कराने वाली पहली महिला एसडीएम एके आहुजा रही। इनके बाद अनुप्रेरणा कुंतल ने चरागाह भूमि से रुसूखदारों के अतिक्रमण को हटाए। एसडीएम निमिषा गुप्ता भी रहीं। वर्तमान में रेलमगरा एसडीएम तरु सुराणा हैं। वे आमेट एसडीएम भी रहीं। राजसमंद पंचायत समिति की विकास अधिकारी सुमन अजमेरा ने पिपलांत्री की पहचान देशभर में बनाई। वे अभी रेलमगरा बीडीओ हैं। जिले की पहली महिला डीएसपी माधुरी वर्मा हैं। उन्होंने कुंभलगढ़ के आदिवासी अंचल को बखूबी संभाला। अभी वे राजसमंद जिला मुख्यालय पर डीएसपी हैं।

जिले की पहली महिला विधायक लक्ष्मी

चारविधानसभा सीटोंवाला राजसमंद जिले में भीम विधानसभा क्षेत्र से देवगढ़ की लक्ष्मी कुंवर चूंडावत ने विधानसभा में जिले का प्रतिनिधित्व किया। वहीं भीम की ही बसंता रावत ने जिला प्रमुख के पद को संभालते हुए विकास के चार चांद लगाए। जिले के नाथद्वारा से ही पहली सांसद इंदुबाला सुखाड़िया ने दिल्ली में जिले का गौरव बढ़ाया। साथ ही, राजसमंद नगर परिषद के सभापति पद पर पहली बार महिला प्रतिनिधित्व करते हुए आशा पालीवाल ने एक अरब के विकास कार्य करवाते हुए प्रदेश में जिले की पहचान बनाई। नाथद्वारा में पहली पालिकाध्यक्ष प्रेमदेवी शर्मा रहीं, जिन्होंने पुरुष प्रधान इलाके में महिला जनप्रतिनिधि की पहचान बनाई।

गिरिजा से यही से किया था राजनैतिक सफर शुरू

राजनैतिकजीवन में नाथद्वारा की डॉ. गिरिजा व्यास उदयपुर और राजसमंद सांसद सीट से चुनाव लड़ीं। केंद्र में जिले का प्रतिनिधित्व किया। वहीं जलदाय मंत्री किरण माहेश्वरी इसी सीट से सांसद चुनाव जीतीं। भाजपा राष्ट्रीय महिला अध्यक्ष पद के साथ ही राष्ट्रीय महासचिव का पद तक का सफर किया। फिर राजसमंद विधानसभा सीट से दो बार चुनाव जीतने के बाद राज्य की जलदाय मंत्री बनीं।

गीता शर्मा पालिका अध्यक्ष रहीं। जिले की सातों पंचायत समितियों में भी प्रधान पद पर महिलाओं का दबदबा रहा है। महिला आरक्षण लागू होने के बाद जिले की पूर्व सरपंच वर्धनी पुरोहित और राखी पालीवाल ने प्रदेश स्तर तक काम के बूते नाम कमाया।

किरण सोनी गुप्ता, प्रथम कलेक्टर।

निमिषा गुप्ता, पूर्व एसडीएम

तरू सुराणा, एसडीएम रेलमगरा

किरण माहेश्वरी, विधायक, मंत्री

माधुरी वर्मा, डिप्टी एसपी

श्वेता धनखड़, पूर्व एसपी राजसमंद

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