नाबालिग से दुष्कर्म का प्रयास करने वाले अभियुक्त को 3 साल का कारावास
पोस्कोअधिनियम के सेशन न्यायाधीश एसके जैन ने दो साल पूर्व नाथद्वारा में नाबालिग से दुष्कर्म का प्रयास करने वाले आरोपी को तीन साल का कठोर कारावास और 20 हजार रुपए के अर्थदंड की सजा सुनाई।
अदालत ने नाबालिग से छेड़छाड़ कर दुष्कर्म करने के प्रयास में दोष सिद्ध होने पर आरोपी नाथद्वारा के सुखाड़िया नगर निवासी धीरज पुत्र हजारी लाल शर्मा को सजा सुनाई। धीरज को लैंगिक अपराधों से बालकों का सरंक्षण अधिनियम 2012 के अपराध में दोष सिद्ध होने पर 3 साल की कड़ी कैद और 20 हजार रुपए जुर्माने की सजा सुनाई। अदालत ने 20 हजार रुपए की जुर्माना राशि पीड़िता को दिलाने का आदेश दिया। इस मामले में लोक अभियोजक ललित साहू की ओर से कुल 8 मौखिक साक्ष्य और 6 दस्तावेजी साक्ष्य प्रस्तुत किए गए। अदालत ने अभियोजन की ओर से प्रस्तुत साक्ष्य का विवेचन कर आरोपी को दंडित किया।
घर में अकेली देखकर किया था दुष्कर्म का प्रयास
पीड़िताने इस संबंध में 5 जुलाई 2013 को नाथद्वारा थाने में आरोपी धीरज शर्मा के खिलाफ मामला दर्ज कराया था। इसमें बताया कि वह घर में अकेली थी और आरोपी घर में घुस गया। लज्जा भंग करने का प्रयास किया। आरोपी के खिलाफ 1 अगस्त 2013 को न्यायालय में चालान पेश किया गया था।