पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें
  • Hindi News
  • National
  • श्रीजी दर्शन व्यवस्था में सुधार, कुंभलगढ़ में गोल्फ कार शुरू नहीं करवा पाने का मलाल : केसी वर्मा

श्रीजी दर्शन व्यवस्था में सुधार, कुंभलगढ़ में गोल्फ कार शुरू नहीं करवा पाने का मलाल : केसी वर्मा

5 वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक
निवर्तमानकलेक्टर कैलाश चंद वर्मा ने कहा कि नाथद्वारा स्थित श्रीजी मंदिर में दर्शन व्यवस्था में सुधार नहीं करवा पाने और कुंभलगढ़ में गोल्फ कार शुरू नहीं होने का मलाल रहेगा। उन्हें तसल्ली है कि उन्होंने दो साल के कार्यकाल में कई अच्छे काम किए। महत्वपूर्ण सफलता छात्र-छात्राओं के अटपटे नामों को सुधरवाने की मुहिम में रही। एक दर्जन मानसिक रोगियों का इलाज करवाकर राहत दी। निवृतमान जिला कलेक्टर केसी वर्मा ने दैनिक भास्कर के साथ बातचीत में अपने दो साल के कार्यकाल को लेकर संतुष्टि व्यक्त की। आम लोग भी मानते है कि वर्मा सूचना मिलने पर सीधे पीड़ित के घर पहुंच जाते थे। पीड़ित परिवार की हरसंभव मदद करना जिले के लोगों के मन में छाप छोड़कर गई है। वर्मा ने कहा कि उनके कार्यकाल में जिले के हर एक पीड़ित के चेहरे पर मुस्कान लाने का पूरा प्रयास किया।

}गोमती-उदयपुर फोरलेन पर राजनगर पहाड़ी पर सीमेंटेड राजसमंद का नाम लिखवाना

}छात्र-छात्राओं के अटपटे नाम में सुधार करने की पहल करना

}कुंभलगढ़ के फूटा देवल को सन सेट पोइंट के तौर पर विकसित कराना

}फूटा देवल पर दूरबीन लगाकर पर्यटकों को आकर्षित करना

}बच्चों के अच्छे जबाव मिलने पर इनाम देकर खुश करना

}नाथद्वारा की एक मेधावी स्कूली छात्रा को अपने वेतन से लेपटॉप खरीदकर देना

}कलेक्टर वर्मा की आम नागरिक के साथ-साथ स्कूल के छात्र-छात्राएं से निकटता

}सरकारी योजना वंचित कई छात्राओं को स्वयं के प्रयासों से लेपटॉप स्कूटी दिलाना

}भीलवाड़ा के विकलांग वृद्ध को हर महीने पांच सौ रुपए पेंशन देना

Q. आपकेदो साल के कार्यकाल में कौन से काम नहीं हो पाएω

}कुंभलगढ़ दुर्ग पर गोल्फ कार शुरू करने की योजना थी। इसका ट्रायल भी किया। लेकिन अपरिहार्य कारणों से शुरू नहीं करवाने का मलाल रहेगा। हल्दीघाटी में भी बहुत कुछ विकास करने की योजना थी। लेकिन यह भी अछूता रहा।

Q. श्रीनाथजीके लिए क्या रहाω

}मैं आम आदमी की तरह से दर्शन करने जाता था। मैं चाहता था कि प्रभु के दर पर दर्शन सभी के लिए एक समान हो। लेकिन मंदिर मंडल की व्यवस्थाओं के आगे कुछ नहीं कर पाए। दर्शन व्यवस्थाओं के सुधार करने की योजना अधूरी रह गई।

Q.राजसमंद औरक्या संभावना हो सकती हैω

}प्रत्येक गांव-ढाणी तक मैंने रात्री चौपाल, जनसुनवाई कार्यक्रम किए। इस आधार पर कह सकता हूं कि राजसमंद में पर्यटन के अलावा और भी बहुत कुछ विकास संभावना है। बहुत से ऐसे गांव है, तो विकास से अछूते है। इनके विकास की योजनाएं बनाने की आवश्यकता है।

प्र. राजसमंद शहर के विकास के लिए क्या किया

उ. यहां पर ऐतिहासिक राजसमंद झील प्रभु श्री द्वारकाधीश के धार्मिक और दर्शनीय स्थल है। मैंने राजनगर गोमती-उदयपुर पर सटी पहाड़ी पर सफेद बड़े अक्षरों में राजसमंद लिखवाया। ताकि कई किमी की दूरी से यहां आने वाले पर्यटकों को दिखाई देता है। शहर में सफाई व्यवस्था चाक चौबंद रहे। इसके लिए अलसुबह ही कभी बाइक पर तो कभी पैदल ही निकल जायजा लिया। कमियों पर संबंधित अधिकारियों को सुधरवाने का प्रयास किया।

खबरें और भी हैं...