ढाई साल बाद फिर कुचामन सिटी को जिला बनाने के लिए शुरू होगा आंदोलन
भास्कर संवाददाता | कुचामन सिटी
राज्यसरकार के बजट की तैयारियां शुरू होने के साथ ही कुचामन को जिला बनाने की मांग भी फिर से उठने लगी है। बजट में नए जिलों की घोषणा की संभावना को देखते हुए शहर के लोगों द्वारा सरकार से कुचामन को जिला बनाने की मांग दोहराने के लिए नए सिरे से कार्ययोजना बनाई जाएगी। इसे लेकर कुचामन विकास समिति कार्यालय में मंगलवार दोपहर ढाई बजे शहर के प्रमुख लोगों के साथ एक बैठक का आयोजन किया जाएगा। अध्यक्ष ओमप्रकाश काबरा ने बताया कि बैठक में पालिकाध्यक्ष हरीशचंद्र कुमावत सहित शहर में सामाजिक क्षेत्र में कार्य कर रही संस्थाओं के प्रतिनिधि, राजनीतिक दलों के पदाधिकारी कार्यकर्ता शामिल होंगे। बैठक में कुचामन को जिला बनाने के लिए जन आंदोलन की रूपरेखा तैयार की जाएगी। नटवरलाल बक्ता एवं मोहनलाल सोनी ने बताया कि इस आंदोलन के लिए पूरा नगर उद्वेलित है। इस मीटिंग में नगर के सभी सामाजिक संगठनों के साथ जातीय संगठन, महिला मंच भी अपनी भूमिका का निर्वहन करेंगे।
बजट के दिनों में नए जिलों की घोषणा संभव
^बजटके दिनों में जिला बनाने की घोषणा की संभावना होती है। कुछ समय से डीडवाना में जिला बनाने के प्रयास की गतिविधियां तेज हुई है तो हमें भी सरकार तक अपनी बात पहुंचानी चाहिए। इसी के चलते फिर आंदोलन शुरु करने पर बैठक में विचार किया जाएगा। वैसे नावां समेत मकराना और परबतसर के विधायक भी हमारे पक्ष में है। ओमप्रकाशकाबरा, अध्यक्ष, कुचामन विकास समिति
पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार के कार्यकाल के दौरान भी कुचामन को जिला बनाने की पुरजोर मांग की गई थी। जिसके तहत जिला बनाओ संघर्ष समिति के बैनर तले धरना, ज्ञापन, रैली, जुलूस आदि गतिविधियों समेत बैठकों के दौर चले थे। राजनीतिक गैर राजनीतिक स्तर पर जिला बनाने की मुहिम चलाई गई थी। जिसमें लोगों ने समर्थन दिया था। गौरतलब है कि कुचामन को जिला बनाने की मांग करीब डेढ़ दशक से जारी है। इस मांग को लेकर लंबे समय से प्रयास जारी है।
कुचामन सिटी. करीबढाई वर्ष पूर्व जिला बनाने की मांग को लेकर निकाली गई महारैली। (फाइल फोटो)
ऐतिहासिक महारैली निकाल की थी जिला बनाने की मांग: कुचामनजिला बनाओ अभियान के तहत जुलाई 2012 में करीब 35 हजार विद्यार्थियों शहर के लोगों ने अपनी शक्ति का प्रदर्शन कर मुख्यमंत्री के नाम एसडीएम को ज्ञापन दिया था। संघर्ष समिति द्वारा जन आंदोलन के तहत हस्ताक्षर अभियान, संकल्प पत्र एवं पोस्ट कार्ड प्रेषण का कार्यक्रम चलाया गया। इसके लिए बस स्टैंड पर फील्ड कार्यालय संचालित किया गया। जहां क्रमिक रूप से विभिन्न संगठनों के लोगों ने धरना देकर मांग को मजबूती दी और ग्रामीण क्षेत्र में जन जागृति के लिए वाहन रैली, हस्ताक्षर अभियान एवं संकल्प पत्र भरने के कार्यक्रम भी हुए।
पूर्व में सरकार ने सकारात्मकता नहीं दिखाई, अब फिर करेंगे प्रयास
^पूर्वविधायक ने मुख्यमंत्री के करीबी होने के कारण उम्मीद थी कि पूर्ववर्ती सरकार में कुचामन को जिला बनाने की घोषणा हो जाएगी, लेकिन हमारे व्यापक आंदोलन के बाद भी इस मामले में सरकार का रुख सकारात्मक नजर नहीं आया। अब हम फिर से इस मांग को सरकार तक पहुंचाने का प्रयास करेंगे। ज्ञानारामरणवां, संयोजक, जिला बनाओ संघर्ष समिति
सरकार ने किया था समिति का गठन
प्रदेशमें नए जिलों के गठन पर तत्कालीन सरकार को सुझाव देने के लिए सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी जीएस संधु की अध्यक्षता में एक उच्चस्तरीय समिति का गठन किया गया था। हालांकि समिति की सिफारिशों पर सरकार की ओर से कोई ठोस निर्णय नहीं किया गया था।