राजस्थान जवाबदेही यात्रा झुंझुनूं पहुंची
झुंझुनूं। राज्य स्तरीय जवाबदेही यात्रा शुक्रवार को झुंझुनूं पहुंची। कलेक्ट्रेट पर हुई सभा में यात्रा प्रतिनिधि मुकेश ने कहा कि सरकार जनहित के मुद्दों पर अपनी जवाबदेही तय करें। उन्होंने कहा कि सरकारी कर्मचारियों के लिए सातवां वेतन आयोग लागू हो गया। लेकिन किसानों एवं मजदूरों को उनका हक नहीं मिल रहा है। भ्रष्टाचार बढ़ रहा है। किसान को उसकी उपज का मूल्य नहीं मिल रहा है।
किसान आयोग, मजदूर आयोग बनाया जाना चाहिए ताकि किसानों एवं मजदूरों को उनका हक मिल सकें। किसानों को अपनी उपज का मूल्य तय करने, बिजली, पानी का अधिकार मिलना चाहिए। मजदूर की मजदूरी दफ्तर में बैठे लोग तय करके मजदूर आयोग से तय होनी चाहिए। सभा को शंकरसिंह, कैलाश मीणा, राजन चौधरी समेत अनेक वक्ताओं ने संबोधित कर सरकार की नीतियों को कोसा। दिसंबर में शुरू हुई यात्रा प्रदेश के जिलों में जाकर मार्च में जयपुर में समापन होगा। इस अवसर पर बड़ी सभा होगी।
नवलगढ़| आम जनता को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करने के शुक्रवार को राज्य स्तरीय जवाबदेही यात्रा भूमि अधिग्रहण के खिलाफ तहसील के सामने दिए गया। यात्रा में 70 सदस्यों ने भाग लिया। नुक्कड़ नाटक पारंपरिक गीतों पर नृत्य कर लोगों को उनके अधिकारों की जानकारी दी। प्रदेश में लोगों को अपने अधिकारों के प्रति जागरूक करने के लिए यह यात्रा 1 दिसम्बर को जयपुर से रवाना हुई थी। यात्रा अब तक 25 जिलों में जा चुकी है। नौ मार्च को पूरे प्रदेश के जिलों का दौरा कर जयपुर पहुंचेगी। यात्रा में शामिल लोगों ने धरने को अपना समर्थन दिया। कैप्टन दीपसिंह शेखावत ने भूमि अधिग्रहण आंदोलन के बारे में विस्तार से जानकारी दी। इस मौके पर कैलाश यादव, श्रीराम दूत, एडवोकेट बजरंगसिंह सहित कई लोग मौजूद थे।
रैली निकाली : खिरोड़ | गोठड़ा में जवाबदेही यात्रा के सदस्यों ने रैली निकालकर किसानों को भूमि अधिग्रहण के बाद होने वाले नुकसानों से सचेत करवाया। यात्रा के गांव में पहुंचने पर कैप्टन दीप सिंह के नेतृत्व में किसानों ने यात्रा का स्वागत किया। इस मौके पर मजदूर किसान शक्ति संगठन के शंकरसिंह समेत वक्ताओं ने बताया कि जितनी सरकारी अधिकारी कर्मचारियों को तनख्वाह मिल रही है अधिकारी कर्मचारी उतनी जवाबदेही से अपना काम नहीं कर रहे हैं।