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\"दिल में उल्फत संभाल कर रखना\'

7 वर्ष पहले
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झुंझुनूं. खेतड़ी नगर. साहित्यिक संस्था साहित्य विकास समिति के तत्वाधान में रविवार रात ताम्र नगरी के रामलीला मैदान में अखिल भारतीय हास्य कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया। ताम्र नगरी के राजकुमार सिंह राज ने कवियों का परिचय देकर आभार प्रकट किया। उन्होंने ' दिल में उल्फत संभालकर रखना, ये इबादत संभालकर रखना, लोग नफरत संभाले बैठे हैं, तू मोहब्बत संभालकर रखना ' सुनाकर आज के हालात पर ध्यान दिलाया।
हरीश हिंदुस्तानी नवलगढ़ ने दीपक पारीक को पुकारा तो उन्होंने ' हवस के हाथों मरने से तो कोख में मरना अच्छा है ' , उदयपुर के मनोज गुर्जर ने ' जिन्ना पर लिखने से पहले टूट जाती कलम ' आदि रचनाएं पेश की। निशा पंडित, शिवचंद माली, हरिओम पारीक, अशोक सेवदा, मेघ श्याम मेघ डॉ एलके शर्मा ने भी एक से बढकर एक कविताएं सुनाई। कॉपर के गुलशन कुमार लूथरा ने ' कन्या भ्रूण बोला मां से ' आदि गंभीर रचनाएं पढ़ी।

बिसनाराम झाझडिय़ा के मुख्य आतिथ्य में सम्मेलन की शुरुआत उज्जैन की निशा पंडित ने सरस्वती वंदना से की। अध्यक्षता केसीसी सहायक महाप्रबंधक (मानव संसाधन) केपी बिसोई ने की। सरपंच फोरम के अध्यक्ष बड़ाऊ सरपंच फतेहसिंह शेखावत, केसीसी उपमहाप्रबंधक वीके सिंघल, आनंद सिंह शेखावत, समाजसेवी नवलकिशोर शर्मा, अशोक सिंह शेखावत मोनिका गुप्ता विशिष्ट अतिथि थे। इस मौके पर सुरेश डागर, राजकुमार जलेंद्रा, अभयसिंह हिंदुस्तानी, चौधरी बलजीतसिंह, डीपी सक्सेना, रामसिंह खेदड़, किशनलाल शर्मा सहित बड़ी संख्या में श्रोता मौजूद थे। संचालन विमल शर्मा तथा विजेश सैनी ने किया।