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निजी बसों के पहिए जाम

7 वर्ष पहले
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झुंझुनूं. वाहनों की प्राइवेट फिटनेस सेंटर से फिटनेस जांच का विरोध अन्य मांगों को लेकर आंदोलनरत जिला मोटर यूनियन के आह्वान पर गुरुवार को जिले में निजी बसें नहीं चलीं। ऑपरेटरों ने डीटीओ परिसर में तीन घंटे धरना दिया कलेक्टर को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा।
शाम को डीटीओ के साथ वार्ता में प्राइवेट फिटनेस सेंटर का लाइसेंस सात दिन निलंबित करने इस अवधि में डीटीओ में ही फिटनेस करवाने के आश्वासन पर बाद हड़ताल समाप्त हुई।

आंदोलन के तहत गुरुवार को जिले में जयपुर-पिलानी, खेतड़ी-बीकानेर, झुंझुनूं-उदयपुरवाटी आदि मुख्य मार्गों समेत ग्रामीण रूट पर बसों का संचालन नहीं हुआ। हड़ताल के कारण शहर के पुराना बस स्टैंड पीरुसिंह सर्किल पर निजी बस स्टैंड सूने थे। लोग जयपुर-पिलानी, बीकानेर समेत लंबी दूरी की यात्रा के लिए बसों का इंतजार करते रहे।
रोडवेज बसों में यात्रियों को खड़े रहने की जगह नहीं थी। केंद्रीय बस डिपो पर पूरे दिन भीड़ रही। अन्य स्टैंडों पर तो रोडवेज की बसें रोकी नहीं जा रही थीं। कई यात्रियों ने बसों की छत पर बैठकर सफर किया।

इधर, बस ऑपरेटरों ने पीरूसिंह सर्किल पर बैठक की। कलेक्टर को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। दोपहर में डीटीओ कार्यालय परिसर में धरना देकर नारे लगाए। शाम को जिला मोटर यूनियन पदाधिकारियों की डीटीओ से वार्ता में परिवहन निरीक्षक गोपाल शर्मा, कोतवाल हरिसिंह धायल शामिल हुए। डीटीओ ने प्राइवेट फिटनेस सेंटर सात दिवस तक निलंबित रखने इस अवधि में डीटीओ कार्यालय से फिटनेस करने का आश्वासन दिया।
इस अवसर पर जिला मोटर यूनियन अध्यक्ष भोपालसिंह, मिनी ट्रक यूनियन के सुल्तानसिंह, मोटर यूनियन के विजयसिंह धत्तरवाल, सज्जन डांगी, प्रमोद मोदी, सुभाष सरावग, विजयसिंह सिहाग, विजय मुहाल, भागीरथ सिंह, दलीप धनखड़ आदि बस ऑपरेटर शामिल थे।

नवलगढ़ में ऑटो भी नहीं चले

नवलगढ़. कस्बे में किसी भी बस स्टैंड से प्राइवेट बसें नहीं चली। ऑटो रिक्शा यूनियन ने भी हड़ताल रखकर प्राइवेट बस संचालकों का साथ दिया। प्राइवेट बस संचालकों ने प्राइवेट फिटनेस सेंटर को बंद करने की मांग की।
इस मौके पर प्राइवेट बस संचालक भागीरथमल झाझड़िया, सतीश बलौदा, पप्पू, सुनील कुमार गौरसी, झाबरमल तेतरवाल, जितेंद्र, विजेंद्र विजय कुमार, ऑटो रिक्शा यूनियन के कन्हैयालाल शर्मा, मो. रफीक, केडी चोबदार दुर्गेश शर्मा ने विरोध जताया।