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क्रेशर कारोबारी बोले, अधिकारियों की गलती की सजा हम क्यों भुगतें!

7 वर्ष पहले
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सीकर. नेशनलग्रीन ट्रिब्यूनल भोपाल के आदेश को लेकर बुधवार को याचिकाकर्ता ग्रामीण क्रेशर कारोबारियों ने एसडीएम से मिलकर अपना पक्ष रखा। याचिकाकर्ता कैलाश मीणा, जयरामसिंह डाबला सहित कई लोगों ने एनजीटी भोपाल के आदेश की प्रति के साथ एसडीएम रणसिंह से पालना की मांग करते हुए ज्ञापन दिया। एसडीएम ने पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड के अधिकारियों के माध्यम से आदेश की पालना में पूरा सहयोग करने का भरोसा दिलाया। दूसरी ओर एनजीटी भोपाल के आदेश आने के बाद क्रेशर संचालकों ने बैठक आयोजित कर मामले में अधिकारियों कोर्ट में अपना पक्ष रखने का निर्णय किया।

क्रेशर यूनियन के महेंद्र गोयल सुंदरमल सैनी ने बताया कि एनजीटी में स्थानीय अधिकारियों ने सही जानकारी कोर्ट तक नहीं पहुंचाई। इसके चलते एनजीटी को अपने आदेश में सभी क्रेशरों को एक साथ बंद करना पड़ा। दोनों पदाधिकारियों ने बताया कि पॉल्यूशन बोर्ड के अधिकारी सही गलत का निर्णय भी नहीं कर पा रहे हैं। ऐसे में अधिकारियों की गलतियों की सजा कारोबारी क्यों भुगते। सैकड़ों क्रेशर संचालकों ने एसडीएम तहसीलदार सीमा खेतान से अलग-अलग मिलकर अपना पक्ष रखा। क्रेशर संचालकों ने मामले को कोर्ट में चुनौती देने का निर्णय भी किया। दूसरी ओर नीमकाथाना पाटन में एनजीटी भोपाल के आदेश के बाद भी क्रेशर पहले की भांति संचालित रहे।