स्कूल जा रही मासूम की करंट से मौत
कांवट में हादसा
10 साल की मोनिका का शव 6 घंटे खेत में पड़ा रहा
शामको परिजनों को घटना का पता चला
खातियोंकी ढाणी की दस साल की मोनिका की करंट लगने से मौत हो गई। वह सुबह स्कूल जाने के लिए घर से निकली थी। शाम चार बजे तक वह नहीं लौटी तो परिजनों को घटना का पता चला। रास्ते में खेत पर 11 हजार केवी की बिजली लाइन में करंट आने से उसकी मौत हुई।
सूचना के बाद भी बिजली लाइन नहीं काटने पर ग्रामीण एईएन ऑफिस पर हंगामा करने पहुंचे तो कर्मचारी वहां से भाग गए। बाद में ग्रामीणों ने खंडेला-कांवट रोड पर जाम लगा दिया। पांच लाख के मुआवजे के आश्वासन पर ग्रामीण माने।
जानकारी के अनुसार, खातियों की ढाणी के रोहिताश जांगिड़ की इकलौती बेटी मोनिका चौथी कक्षा में पढ़ती थी। वह सुबह दस बजे घर से रवाना हुई। रास्ते में एक बिजली पोल की ताण में करंट रहा था। इससे आए करंट से मोनिका की मौके पर ही मौत हो गई। शाम चार बजे तक बेटी नहीं पहुंची तो परिजनों ने तलाश शुरू की। एक महिला ने उन्हें सूचना दी कि मोनिका की लाश खेत में पड़ी है। बाद में पुलिस ने शव को कांवट सीएचसी पहुंचाया। इसके बाद ग्रामीणों ने खंडेला-कांवट रोड पर जाम लगा दिया। नीमकाथाना तहसीलदार सीमा खेतान एक्सईएन सीवी यादव ने ग्रामीणों से वार्ता के बाद बिजली निगम से छात्रा के परिजनों को पांच लाख रुपए दिलवाने की घोषणा की।
लापरवाही : ट्रांसफार्मरमें आग लगी थी, नहीं चेता निगम
ग्रामीणोंका आरोप है कि जिस बिजली पोल के करंट से बच्ची की मौत हुई, उसी पोल में दो दिन पहले ही ट्रांसफार्मर में आग लग गई थी। ग्रामीणों ने इसकी सूचना बिजली निगम को दी थी लेकिन कोई कदम नहीं उठाए गए। बच्ची की मौत पर भी जब बिजली लाइन काटने के लिए निगम को कहा गया, तब भी सप्लाई बंद नहीं की गई।
बड़ासवाल : मेंटीनेंसके नाम पर हो रही खानापूर्ति
सबसेबड़ा सवाल यह है कि दिवाली मेंटीनेंस के नाम पर क्या सिर्फ खानापूर्ति हो रही है। ग्रामीणों की ओर से कई बार सूचना दिए जाने के बाद भी इस बिजली पोल की मेंटीनेंस क्यों नहीं की गई। निगम जिले में मेंटीनेंस के नाम पर 20 से 30 लाख रुपए खर्च करता है। इसके बाद भी इतनी बड़ी लापरवाही कैसे और क्यों हुई।
हादसेकी वजह : जंपरटूटकर ताण से हुआ था टच
निगमके एक्सईएन सीपी यादव ने बताया कि बिजली पोल की ताण में करंट आने से बच्ची की मौत हुई है। शुरुआती जा