सीकर/नीमकाथाना. अवैध खनन पर शिकंजा कसने के लिए जिला प्रशासन की ओर से सोमवार से खनिज विभाग की निगरानी में शुरू हुआ अभियान पहले दिन ही फ्लॉप हो गया। जांच टीमों में कई स्थानों पर सभी विभागों के प्रतिनिधि भी नहीं पहुंचे। वहीं कारोबारियों के सक्रिय होने से जिलेभर में सोमवार को एक भी अवैध खनन का मामला सामने नहीं आया।
नीमकाथाना दांतारामगढ़ इलाके में कार्रवाई के लिए खनन क्षेत्र में पहुंची टीमों को खाली हाथ ही लौटना पड़ा। जानकारी के अनुसार नीमकाथाना सीकर के दांतारामगढ़ क्षेत्र में टीमें कार्रवाई के लिए पहुंची। दोनों ही इलाकों में खनन पाॅइंट बंद थे। देर शाम तक एक भी मामला सामने नहीं आया। हालांकि गश्त देर रात तक जारी रही।
डीएफओ राजेंद्र कुमार हुड्डा पॉल्यूशन नियंत्रण बोर्ड जिला इंचार्ज दीपक के अनुसार टीम के लिए माइनिंग डिपार्टमेंट को प्रतिनिधियों के नाम भिजवाए हुए हैं। हमें बुलाया जाएगा तो प्रतिनिधि भिजवा दिए जाएंगे। एमई प्रताप सिंह मीणा का कहना है कि अभियान की सूचना होने पर लोगों ने एक बार खनन करना बंद कर दिया। इसलिए पहले दिन कार्रवाई नहीं हुई।
किस विभाग की क्या जिम्मेदारी
अभियान में पॉल्यूशन बोर्ड को खनन पाइंट पर पर्यावरण पर असर का आंकलन करना है। खनिज विभाग को राजस्व नुकसान का आंकलन कर जुर्माना तय करना है। परिवहन विभाग को वाहन का लोडिंग चार्ज तय करना है। पुलिस को सुरक्षा के इंतजाम करने हैं। राजस्व विभाग को खातेदारी फारेस्ट को वन भूमि की पुष्टि करने के लिए टीम में शामिल किया गया है।
टीम में नहीं आए सभी विभागों के प्रतिनिधि
अभियान में पॉल्यूशन, फॉरेस्ट, परिवहन, पुलिस, राजस्व सहित छह विभाग की अलग-अलग दो संयुक्त टीम बनाई गई है। दोनों टीम में कुछ स्थानों पर पॉल्यूशन, फारेस्ट, परिवहन आदि विभाग के प्रतिनिधि नहीं पहुंचे।
ज्यादा संवेदनशील हैं कुशलपुरा लादी का बास
खनन माफिया गिरोह के निशाने पर जिले में कुशलपुरा लादी का बास सहित आधा दर्जन गांवों का एरिया है। कुशलपुरा, बराल, गोवटी में चेजा पत्थर अजीतगढ़, हथोरा लादी का बास क्षेत्र में आयरन पत्थर, चेजा पत्थर बजरी का अवैध खनन नहीं रुक रहा है।