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स्वाइन फ्लू : गर्भवती सहित 2 की मौत

6 वर्ष पहले
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सीकर। जिले में सोमवार को स्वाइन फ्लू से दो और मौत हो गई। मरने वालों में गर्भवती महिला भी है। नीमकाथाना की चीपलाटा की ढाणी डूंगर वाली निवासी माली देवी पत्नी लीलाराम को संदिग्ध मानते हुए कपिल अस्पताल से जयपुर रैफर किया गया था, जिनकी रास्ते में मौत हो गई।

वहीं खंडेला क्षेत्र के बरसिंहपुरा निवासी स्वाइन फ्लू पॉजीटिव रामगोपाल सोनी की मौत हो गई। 40 वर्षीय सोनी को सप्ताहभर पहले उपचार के लिए जयपुर के निजी हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था। इस बीच नीमकाथाना की वार्ड 21 की उर्मिला पत्नी अर्जुन लाल की रिपोर्ट पॉजीटिव आई है।

14 संदिग्ध मरीज मिले
सोमवार को जिलेभर में इस बीमारी के 14 संदिग्ध और सामने आए। इनमें से तीन को भर्ती कर लिया गया है और एक को जयपुर रैफर किया है। तीन दर्जन से ज्यादा संदिग्धों को फिलहाल टेमी फ्लू देकर घर भेज दिया गया है।

अस्पतालों के रिकॉर्ड के मुताबिक एसके अस्पताल में दो लोगों को भर्ती किया गया है। इनमें से एक को बाद में जयपुर रैफर कर दिया गया। अस्पताल में करीब दो दर्जन लोगों को टेमी फ्लू दी गई। अस्पताल में पहले से भर्ती तीन मरीजों में से एक बच्ची को छुट्टी दे दी गई और एक को जयपुर रैफर किया है। इनमें से भी एक मरीज आइसोलेशन वार्ड में है।

नीमकाथाना के कपिल अस्पताल में सोमवार को 12 संदिग्ध जांच के लिए आए थे। इनमें से दो को भर्ती किया गया है और 10 को टेमी फ्लू देकर घर भेज दिया गया। एसडीएम सत्यवीर यादव सोमवार को अस्पताल में व्यवस्थाएं देखने के िलए पहुंचे। उन्होंने पीएमओ डॉ आरपी यादव से हालातों की जानकारी ली।
सिस्टम पर सवाल
अस्पताल में मरीज बढ़े, लेकिन मास्क नहीं | स्वाइन फ्लू की आशंका के कारण सरकारी अस्पतालों में मरीजों की संख्या बढ़ी है, लेकिन उनके लिए मास्क नहीं हैं। यहां उन्हीं के लिए मास्क हैं जो संदिग्ध हैं या फिर आइसोलेशन वार्डों में भर्ती मरीजों से मिलकर आ रहे हैं। विशेषज्ञाें के अनुसार स्वाइन फ्लू फैलने के दौरान मास्क लगाने से बचाव रहता है।

...और कलेक्टर का तर्क
कलेक्टर एलएन सोनी का इस बारे में कहना है कि स्वाइन फ्लू को लेकर प्रशासन की ओर से कोई कोताही नहीं बरती जा रही है। अभी तक अस्पताल में उन्हीं लोगों को मास्क दिए जा रहे हैं जो या तो संदिग्ध से मिलकर आए हैं या उस वार्ड के संपर्क में रहते हैं। अस्पताल में आने वाले सभी लोगों को मास्क नहीं दिए जा रहे हैं। अगर कहीं से मास्क की डिमांड आती है तो और मंगवा दिए जाएंगे।
30 फीसदी का तो जांच के लिए नंबर नहीं आ रहा एसके अस्पताल में सोमवार को मरीजों की लंबी कतार लगी रही। यहां केवल दो ही डॉक्टर जांच कर रहे थे। इसके बाद में जब भास्कर टीम पहुंची तो दो डॉक्टर और लगाए गए। यहां आने वाले 30 फीसदी मरीजों का तो नंबर ही नहीं आया और डॉक्टरों की ड्यूटी का समय खत्म हो गया।

ज्यादातर मरीजों की रिपोर्ट का इंतजार : जिले में अभी तक सिर्फ एक स्वाइन फ्लू संदिग्ध की जांच रिपोर्ट पॉजीटिव आई है। एसके अस्पताल से अब तक पांच मरीजों के सैंपल जयपुर भेजे गए हैं, लेकिन रिपोर्ट एक भी नहीं आई है। जांच रिपोर्ट के लिए 24 से 48 घंटे की समय सीमा तय की हुई है।