चार लाख का आयरन आेर पकड़ा
पाटन. हसामपुरमें बारां धूणी के पास सोमवार रात करीब दो बजे पुलिस और वन विभाग ने आयरन ओर (लौह अयस्क) से भरे तीन डंपर जब्त किए। इनकी कीमत करीब चार लाख रुपए है।
थानाधिकारी विक्रमसिंह ने बताया कि सोमवार रात सूचना मिली कि लादी का बास इलाके के पड़बंधा की ढाणी के पास स्थित वन क्षेत्र से लोगों ने आयरन ओर निकाल कर इकट्ठा कर रखा है। रात दो से पांच बजे के बीच डंपरों में लोड कर जंगल के रास्ते इसे कोटपूतली और उससे आगे भिजवाया जाएगा। मामला वन विभाग से जुड़ा होने के कारण थानाधिकारी ने क्षेत्रीय वन अधिकारी इकबाल खां और वेदप्रकाश जैमन को बताया और पाटन रेंज कार्यालय के बाहर नाकाबंदी करवाई। टीम ने हसामपुर गांव से आगे बारां धूणी के पास वन क्षेत्र में जंगल के रास्ते में नाकाबंदी शुरू की। रात करीब दो बजे तीन डंपर आते दिखाई दिए। प्रत्येक में करीब 40 टन आयरन ओर भरा हुआ था। रुकने का इशारा करने पर तीनों डंपर ड्राइवर जंगल में भाग गए। टीम के सदस्यों ने काफी दूर तक उनका पीछा किया, लेकिन अंधेरा और जंगल होने के कारण तीनों फरार हो गए। बाद में टीम ने तीनों डंपरों को जब्त कर पाटन रेंज कार्यालय में खड़ा करवाया। मामले में पाटन रेंजर (फील्ड वर्क) इकबाल खां ने वन अधिनियम की धारा 32, 33 और 41, 42 तथा चोरी की धाराओं में अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया है। पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर फरार डंपर ड्राइवरों और अवैध रूप से वन क्षेत्र में आयरन ओर का खनन करने वालों की तलाश शुरू कर दी है। तीनों डंपरों में भरे खनिज आयरन ओर की बाजार कीमत करीब चार लाख रुपए है। देशभर में आयरन ओर की औसत कीमत निर्धारित करने वाले नियामक प्राधिकरण भारतीय खान ब्यूरो की वेवसाइट के अनुसार राष्ट्रीय स्तर पर 65 प्रतिशत से ज्यादा मात्रा वाले आयरन ओर की कीमत 3115 रुपए प्रतिटन है। इसके हिसाब से करीब 120 टन खनिज की कीमत चार लाख रुपए बैठती है।
साढ़े14 लाख रुपए बनेगा जुर्माना या राज्य सरकार की संपत्ति घोषित होंगे तीनों डंपर : वनक्षेत्र में अवैध रूप से खनन करने पर लगने वाले जुर्माने के लिए विभाग द्वारा जारी सर्कुलर के अनुसार यदि अवैध खननकर्ता जुर्माना चुकाता है तो वन संपत्ति की बाजार दर का तीन गुना साथ ही प्रत्येक दस टायर वाले डंपर के लिए एक लाख रुपए कम्पाउड फीस के रूप में वसूले जाएंगे। इस प्रकार तीनों डंपरों का जुर्माना करीब पौने 14 लाख रुपए