सीकर. खान विभाग ने अवैध रूप से खनिज चेजा पत्थर भरकर ले रहे तीन डंपरों को जब्त कर पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस और खान विभाग के अनुसार शुक्रवार रात करीब नौ बजे खान विभाग जयपुर के अधीक्षण खनिज अभियंता सतर्कता दीवान सिंह देवड़ा और सीकर के सतर्कता फोरमैन हिम्मतसिंह का संयुक्त दल निरीक्षण करते हुए बोपिया पहुंचा। वहां कृष्णा ग्रीट उद्योग के कांटे पर दो गाड़ी पत्थर से भरी खड़ी थी, जबकि एक वहां उसी समय वजन कराने पहुंची।
तीनों गाड़ियों के ड्राइवरों से रवन्ना आदि के बारे में पूछताछ की तो दो ड्राइवरों ने बनेठी के नरेशसिंह गुर्जर की खान के रवन्ना दिखाए, जबकि एक के पास कोई रवन्ना आदि नहीं मिला। पत्थर लाने की जगह के बारे में पूछा तो हसामपुर गांव की खान से लाना बताया और रवन्ना अन्य कागजात कांटे से मिलना बताया।
निरीक्षण दल ने कृष्णा स्टोन क्रेशर के कांटे पर छापा मारकर वहां से मै. शिवगंगा मिनरल्स प्रालि रॉयल्टी ठेकेदार कोटपूतली की एक पूरी रसीद बुक और खान से माल भरने के गुटके और कांटा पर्ची जब्त किए। तीनों गाड़ियों को पाटन के सुपुर्द किया और कांटे पर काम कर रहे कोला की नांगल निवासी संतोष कुमावत, कोटकासिम निवासी मानप्रकाश दर्जी और तीनों गाड़ियों के ड्राइवर उत्तरप्रदेश के फिरोजाबाद निवासी राहुल यादव, सुनील यादव और कैलाश यादव को पुलिस हिरासत में सौंपकर सरकारी दस्तावेजों में षड्यंत्रपूर्वक हेराफेरी कर राजस्व को नुकसान पहुंचाने और खनिज चोरी करने के आरोप में मुकदमा दर्ज कराया।
खड़ी गाड़ियों पर इसलिए हुआ शक : तीनों गाड़ियों में करीब 40 टन से ज्यादा पत्थर भरा हुआ था। क्योंकि नीमकाथाना में रॉयल्टी का ठेका नहीं होने से खान विभाग द्वारा आरटीओ नियमानुसार 16 टन के रवन्ना रॉयल्टी पेड के जारी किए जाते हैं। उसके अनुसार खान मालिक करीब 16 टन माल ही खनिज का डिस्पेच करते हैं।
इस तरह चलता है गोरखधंधा : हसाम पुर में करीब चार खनन पट्टे चेजा पत्थर के स्वीकृत हैं। इन्हीं में से लोग रात को अवैध रूप से चेजा पत्थर का अवैध खनन करते हैं। खान में गाड़ी भरने से पहले गाड़ीवालों को कृष्णा स्टोन के धर्मकांटे पर टोकन दिया जाता है, जिसे खान में दिखाने पर वहां काम कर रहे लोगों द्वारा खनिज भर दिया जाता है।