नीमकाथाना। दयाल का नांगल ग्राम पंचायत को नवगठित पाटन पंचायत समिति में शामिल करने के विरोध में शनिवार को ग्रामीणों ने काला दिवस मनाया। घरों में चूल्हे तक नहीं जलाए, वहीं विरोध में पंचायत मुख्यालय पर सभा कर मतदान का बहिष्कार करने का निर्णय किया। सभा में सरपंच हवासिंह, रामसिंह फरसवाल, रामस्वरूप यादव, प्रभात सैन, रामकिशन, मेहरचंद, पाबूदान, धर्मपाल, दाताराम, रतिराम व सांवलराम गुर्जर सहित कई लोग शामिल हुए।
ग्रामीणों ने बताया कि दयाल का नांगल को नीमकाथाना से हटाकर नवगठित पाटन पंचायत में जोड़ने का सभी लोग विरोध कर रहे हैं। इस मामले में सुनवाई के दौरान भी ग्रामीणों व पंचायत द्वारा आपत्ति लगाई गई थी। इसके बावजूद पंचायत को पाटन में जोड़ दिया गया। शनिवार सुबह से ग्रामीण सरकार के फैसले के विरुद्ध पंचायत भवन पर जमा हुए। घरों में चूल्हे भी नहीं जलाए गए। लोगों ने कहा कि सरकार के फैसले के विरोध में पंचायत के किसी भी घर में खाना नहीं बनाया गया। लोगों ने महिलाओं व बच्चों के साथ फैसले पर विरोध दर्ज कराया। पंचायत भवन पर हुई बैठक में प्रमुख लोगों ने सर्वसम्मति से फैसला किया कि आगामी चुनावों में मतदान का बहिष्कार किया जाएगा। पंचायत क्षेत्र में पड़ने वाले किसी भी मतदान बूथ पर ग्रामीण वोट देने नहीं जाएंगे। इस मामले में ग्रामीणों ने प्रशासन से भी कार्रवाई की मांग की है।
पंचायत के सभी 11 वार्ड पंचों ने दिया था त्यागपत्र दयाल का नांगल ग्राम पंचायत के सभी 11 वार्ड पंचों ने 17 नवंबर को एसडीएम कार्यालय पहुंचकर सामूहिक रूप से त्याग पत्र दिया था। बाद में वार्ड पंचों ने पंस नीमकाथाना के विकास अधिकारी को व्यक्तिगत रूप से अलग-अलग उपस्थित होकर अपना त्याग पत्र दिया था। दयाल का नांगल को नवगठित पाटन पंस में शामिल करने का ग्रामीणों व जनप्रतिनिधियों ने शुरू से विरोध किया है।